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अप्रैल के मुकाबले मई में बहुत कम हुआ वैक्सीनेशन, आंकड़ों ने बताई सच्चाई

देश में मई में अप्रैल के मुकाबले वैक्सीनेशन की रफ्तार काफी धीमी रही. देश में जहां अप्रैल में रोजाना औसतन 29.95 लाख वैक्सीन डोज दी गई, वहीं मई में यह आंकड़ा घटकर प्रतिदिन 18.44 लाख डोज हो गया.
अप्रैल के मुकाबले मई में बहुत कम हुआ वैक्सीनेशन, आंकड़ों ने बताई सच्चाई

नई दिल्लीः देश में वैक्सीनेशन अभियान के फेज -3 के तहत 1 मई से 18-45 आयु वर्ग के लोगों के लिए कोविड टीकाकरण शुरू किया गया. लेकिन वैक्सीन की बढ़ती मांग के अनुसार लोगों को वैक्सीन नहीं लग पा रही है. इसकी वजह से मई में टीकाकरण की रफ्तार अप्रैल के मुकाबले धीमी हो गई.

वैक्सीनेशन के आकड़ों में आई कमी

अप्रैल में देश में रोज औसतन 29.95 लाख वैक्सीन डोज दी गई. मई में यह आंकड़ा कम होकर प्रतिदिन 18.44 लाख डोज हो गया है. वहीं अप्रैल माह में कुल 8.98 करोड़ डोज दी गई जबकि मई माह में 20 मई तक 3.69 करोड़ वैक्सीन डोज ही दी गई.  

सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक ने 8 करोड़ डोज का किया प्रोडक्शन 
वहीं, सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक के वैक्सीन उत्पादन के आंकड़ों को देखें तो दोनों ने कुल मिलाकर अप्रैल और मई में आठ-आठ करोड़ खुराक का प्रोडक्शन किया. इसमें सीरम ने कोविशील्ड की सात करोड़ डोज और भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन की एक करोड़ का प्रोडक्शन किया गया.

मई में डेली औसतन 25.80 लाख डोज का प्रोडक्शन
हालांकि मई में दोनों वैक्सीन निर्माताओं का औसत वैक्सीन प्रोडक्शन हर दिन 25.80 लाख डोज है. जबकि अप्रैल में यह 26.66 लाख था. 1 से 20 मई तक औसतन लोगों को डेली 18.44 लाख डोज दी गई. ऐसे में वैक्सीन प्रोडक्शन और यूज में प्रति दिन लगभग 7 लाख डोज का गैप है. बता दें वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज के बीच के समय को भी और बढ़ा दिया गया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी

जहां एक तरफ देश में वैक्सीनेशन की धीमी रफ्तार को लेकर सवाल उठ रहें हैं वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि 1.9 करोड़ से अधिक कोविड वैक्सीन डोज अभी भी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पास उपलब्ध हैं और 40,650 वैक्सीन डोज तीन में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को और भेज दी जाएंगी. 
 

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