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अमानवीय : मरीज को बंधक बनाकर तीमारदार को थमाया 9.85 लाख का बिल

Inhuman: Bill of 9.85 lakh given to patient by mortgaging patient
अमानवीय : मरीज को बंधक बनाकर तीमारदार को थमाया 9.85 लाख का बिल

रांची : झारखंड के रांची स्थित नामी मेदांता हास्पिटल से एक चौंकाने वाली खबर आई है, यहां लातेहार के एक गरीब किसान को बंधक बनाकर रखने का आरोप है, क्योंकि उसका परिवार इलाज के बिल का नौ लाख 85 हजार रुपये चुका नहीं कर पा रहा। किसान के परिवारवालों का आरोप है कि मरीज को छुट्टी देने की मांग करने पर अस्पताल प्रबंधन ने फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री रघुवरदास से गुहार लगाई है। यह मामला झारखंड में सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मेदांता अस्पताल द्वारा एक बीपीएल परिवार को 9.85 लाख रुपये का बिल दिए जाने और भुगतान न करने पर मरीज को बंधक बनाये जाने की शिकायत संज्ञान में लिया है। उन्होंने इस पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।

मरीज मोहम्मद अयूब अली को अस्पताल से उनके घर भिजवा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहम्मद अयूब अली को अस्पताल को एक भी पैसा अतिरिक्त नहीं देना है। कोई भी अस्पताल मरीज से बिना वजह अधिक पैसा नहीं मांगे। उन्होंने कहा कि ऐसी सूचना मिलने पर दोषी अस्पतालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लातेहार के चोपे गांव निवासी इम्दाद अख्तर ने मुख्यमंत्री से अपने पिता को अस्पताल से छुड़ाने का अनुरोध किया है। उसने कहा है कि इरबा स्थित मेदांता अस्पताल ने उसके बीमार अयूब अली को इलाज का पूरा बिल नहीं चुकाने पर बंधक बना लिया है। मीडिया रिपोर्ट, के मुताबिक लातेहार जिले के चोपे गांव निवासी मोहम्मद अयूब अली ऊर्फ को दो महीने पहले मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय परिवारवालों ने जमीन गिरवी रखकर डेढ़ लाख रुपये जमा कर दिए।

तब अस्पताल ने बीमारी के इलाज में डेढ़ लाख रुपये खर्च होने की ही बात कही थी। जब परिवार ने बीपीएल कार्ड होने की बात कही तो अस्पताल ने कहा कि सरकार से प्रतिपूर्ति होने के बाद पैसे वापस कर दिए जाएंगे। बाद में मेदांता अस्पताल ने 2,29,525 रुपये का बिल बनाकर दिया। मुख्यमंत्री असाध्य रोग योजना के तहत अस्पताल को भुगतान हुआ। आरोप है कि अस्पताल ने पहले से जमा डेढ़ लाख रुपये वापस भी नहीं किए उल्टे नौ लाख 85 हजार रुपये और मांगे। पैसे न देने पर मरीज को एक महीने से बंधक बनाकर अस्पताल प्रशासन ने रखा है। मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में परिवार ने कहा है कि अस्पताल ने इलाज में भी लापरवाही बरती। ब्लड बैंक ने भी परिवार वालों से 15 हजार रुपये वसूले। अयूब के बेटे मोहम्मद इमदाद के मुताबिक एक दिन बेहोश होने पर पिता को उन्होंने अस्पताल में भर्ती कराया तो डॉक्टरों ने कहा सिर में पानी है और सर्जरी करनी पड़ेगी बाद में एक नर्स ने ऑक्सीजन की पाइप गलत जगह लगा दी तो ऑक्सीजन शरीर में फैलने से फूल गया। इमदाद ने कहा कि इलाज में जमीन गिरवी हो चुकी है, अब और पैसे की व्यवस्था कैसे करें।

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