ख़बर जहां, नज़र वहां

बिहार में पैर पसार रहा ब्लैक फंगस, पटना में अबतक मिले 30 नए केस

बिहार में भी ब्लैक फंगस नाम की नई बीमारी का खतरा बढ़ने लगा है. पिछले 24 घंटे के दौरान पटना में 30 ब्लैक फंगस के नए मामले पहचान में आए हैं. इनमें चार की सर्जरी हुई है जबकि अन्य का इलाज चल रहा है.
बिहार में पैर पसार रहा ब्लैक फंगस, पटना में अबतक मिले 30 नए केस

पटनाः बिहार में भी ब्लैक फंगस नाम की नई बीमारी का खतरा बढ़ने लगा है. पिछले 24 घंटे के दौरान पटना में 30 ब्लैक फंगस के नए मामले पहचान में आए हैं. इनमें चार की सर्जरी हुई है जबकि अन्य का इलाज चल रहा है.

आपको बता दें कि प्रदेश में पिछले सप्ताह ब्लैक फंगस का मामला आया था, इसके बाद से मामला कम नहीं हुआ. पटना में बड़े हॉस्पिटल में तो मामले डिटेक्ट हो गए लेकिन कई छोटे अस्पतालों में ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीजों को भर्ती कराया गया है, लेकिन अभी पुष्टि नहीं हो पाई है.

जानकारी के मुताबिक मेडिसिन विभाग अभी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं करा पा रहा है. औषधि नियंत्रक विश्वजीत दास गुप्ता का कहना है आज अस्पतालों को जरूरत के हिसाब से बहुत जल्द दवा उपलब्ध करा दी जाएगी. स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी इस समस्या का समाधान करने में जुटे हैं.

उल्लेखनीय है कि ब्लैक फंगस एक फफूंद से होने वाली बीमारी है. बहुत गंभीर लेकिन दुर्लभ संक्रमण है. यह फफूंद वातावरण में कहीं भी पनप सकता है. जैव अपशिष्टों, पत्तियों, सड़ी लकड़ियों और कंपोस्ट खाद में फफूंद पाया जाता है. ज्यादातर सांस के जरिए यह शरीर में पहुंचता है. अगर शरीर में किसी तरह का घाव है तो वहां से भी ये फैल सकता है.

आपको बता दें कि एमबीबीएस-एमडी और कोविड रिसर्चर डॉक्टर प्रभात रंजन ने बताया कि इस बीमारी में चेहरे के एक हिस्से में सूजन और आंखें  बंद हो जाती हैं. साथ ही नाक बंद होना, नाक के नजदीक सूजन, मसूड़ो में सूजन, पस पड़ना, दांतो का ढीला होना, तालू की हड्डी का काला हो जाना, आंखें लाल होना, रोशनी कम होना इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं.

Leave Your Comment
Related News