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योगी सरकार की बड़ी पहल, कोरोना काल में भी चल रहा उद्योगों का पहिया

कोरोना वायरस की महामारी के फैलाव के चलते दिल्ली, मुंबई जैसे राज्यों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग की हालत खराब है, लेकिन, उत्तर प्रदेश में इन उद्योगों का पहिया तेजी से चल रहा है.
योगी सरकार की बड़ी पहल, कोरोना काल में भी चल रहा उद्योगों का पहिया

लखनऊ कोरोना वायरस की महामारी के फैलाव के चलते दिल्ली, मुंबई जैसे राज्यों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग की हालत खराब है, लेकिन, उत्तर प्रदेश में इन उद्योगों का पहिया तेजी से चल रहा है. इस वक्त कोरोना संकट के दौरान राज्य में लाखों एमएसएमई यूनिटों में उत्पादन हो रहा है.

इसके अलावा 80 लाख से अधिक लोग घरों से जरूरी उत्पाद बना रहे हैं. इस प्रकार राज्य में करीब तीन करोड़ लोग विभिन्न कार्यों में लगे हैं. इनके बनाए उत्पाद बाजारों में बिक रहे हैं और उसके दाम भी इन्हें मिल रहे हैं. इसके चलते इन उद्योगों में काम करने वाले लाखों मजदूरों की रोजी-रोटी पर कोई संकट खड़ा नहीं हुआ है और राज्य में खाने पीने के सामान की भी कहीं कोई किल्लत नहीं होने पायी है.

जीवन और जीविका दोनों की ही चिंता कर रहे योगी

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सूबे के लोगों के जीवन और जीविका दोनों की ही चिंता करने और इस संबंध में बनायी गई योजना को लागू करने के चलते ही उद्योगों में कार्य करने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों के जीविका पर कोई संकट खड़ा नहीं हुआ है.

उत्पादन क्षमता बढ़ाने के भी दिए गए निर्देश

इसी क्रम में उन जिलों में जहां सैनिटाइजर बनाने के लिए एल्कोहल के लिए चीनी मिल अधिकृत हैं वहां पर इकाइयों के लाइसेंस, उत्पादन तथा आपूर्ति की निरंतरता की बाधाएं दूर की गई. सभी जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि खाद्य पदार्थ, ब्रेड, बिस्किट, आटा, चावल, दाल, खाद्य तेल, चीनी, पीने का पानी, दुग्ध उत्पाद के उत्पादों पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े. इसके लिए जो भी जरूरी प्रबंध किए जाने हो वह किए जाए. इसके अलावा कोयला व खनिज पदार्थों का उत्पादन, खाद, कीटनाशक, बीज उत्पादन, कृषि संयंत्रों से संबंधित उत्पाद, डिटरजेंट एवं साबुन, साल्वेंट एक्सट्रैंक्शन, खाद्य प्रसंस्करण की इकाइयां आदि उद्योगों की क्षमता वृद्धि के आदेश भी दिए गए. एमएसएमई इकाइयों को मास्क, पीपीई किट, ग्लब्स, सैनिटाइजर, पैकेजिंग तथा कोविड से जुड़े अन्य उत्पादों को बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया गया. ऐसी इकाइयों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की कोशिश करने के निर्देश दिए गए हैं.

ग्रामीण आजीविका मिशन से जुडी महिलाएं भी कर रहीं उत्पादन

प्रवक्ता का कहना है कि सरकार की इस व्यवस्था के चलते उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुडी महिलाएं मास्क और पीपी किट बनाने के साथ ही दालचीनी, तुलसी, मुनक्का, काली मिर्च एवं सौंठ को उचित मात्रा में मिलाकर 100 ग्राम का एक काढ़े का पैकेट तैयार कर रही हैं. इसे गरम पानी में उबालकर करीब सात ग्राम का मिश्रण एक बार के काढे़ में प्रयोग में लाया जाता है.

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