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CM तीरथ रावत का बड़ा फैसला, महाकुंभ के लिए नहीं होगा कोई रजिस्ट्रेशन

उत्तराखंड की पूर्व की त्रिवेंद्र सरकार अपने ही फैसले पलटने के लिए जानी जाती रही है. सुबह फैसले हुए और शाम को फैसला बदल दिया. अब प्रदेश के नए मुखिया भी उसी तर्ज पर चल रहे हैं. नए सीएम तीरथ सिंह रावत ने भी कुछ ऐसा ही किया है.
CM तीरथ रावत का बड़ा फैसला, महाकुंभ के लिए नहीं होगा कोई रजिस्ट्रेशन

देहरादून: उत्तराखंड के नए सीएम तीरथ सिंह रावत ने कुंभ को लेकर नई व्यवस्था जारी कर दी है. इसके तहत कुंभ के लिए कोई रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा. केंद्र सरकार की ओर से जारी एसओपी को भी ताक पर रखते हुए साफ कहा है कि अब कुंभ में आने वालों के लिए कोई रोकटोक नहीं होगी.

CM तीरथ सिंह का बड़ा एलान

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा है कि 1 अप्रैल से हरिद्वार के कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य नहीं होगा. राज्य सरकार के इस फैसले से कुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को राहत मिलने की उम्मीद है. साथ ही उन्होंने राज्य के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से लिए गए देवस्थानम बोर्ड और गैरसैंण मंडल के विवादित फैसले पर पुनर्विचार करने के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि हम इन विवादास्पद मामलों में जनभावना को ध्यान में रखते हुए ही कोई फैसला लेंगे.

मुख्य सचिव ने दी जानकारी

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को इसको लेकर आदेश दिए गए थे. लेकिन शाम होते होते सरकार का एक और फैसला आ गया, जिसमें लिखा था कि सूबे में भाजपा की सरकार को आगामी 18 मार्च को 4 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं. जिसको लेकर होने वाले विधानसभा कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है.

साधु-संतों ने जताई थी नाराजगी

बता दें कि कुंभ मेले के दौरान कोरोना के लिए जारी की गई केंद्र और राज्य सरकार की एसओपी और कोविड नेगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता को लेकर साधु संतों समेत श्रद्धालुओं ने भी अपनी नाराजगी जताई थी. साधु संतों का साफ कहना था कि, कुंभ का नाम आते ही सरकार कई तरह की बंदिशें लगा रही है, जबकि देश के कई राज्यों में चुनाव की तैयारी चल रही है, वहां पर सरकार को कोरोना का साया नहीं दिखता है.

देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड एक्ट पर होगा पूनर्विचार

सीएम तीरथ सिंह ने कहा कि, उनकी सरकार देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड एक्ट पर भी पुनर्विचार करेगी. इस एक्ट के अंतर्गत राज्य में स्थित बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री समेत 55 मंदिर के रखरखाव, बुनियादी सुविधाओं और ढांचागत सुविधाओं को त्रिवेंद्र सरकार ने अपने अधिकार में लेने का फैसला लिया था. सीएम ने कहा, देवस्थानम बोर्ड के फैसले को लेकर मैं इन मदिरों के पुजारियों से बातचीत कर उनका पक्ष भी जानने का प्रयास करुंगा. दोनों पक्षों के बीच समन्वय स्थापित कर ही इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा.

जनभावना का ख्याल रखकर लिया जाएंगा निर्णय

पूर्व सीएम त्रिवेंद्र की ओर से किए गए गैरसैंण मंडल के गठन को लेकर तीरथ सिंह रावत ने कहा कि, इस मामले में हम जनभावना को ध्यान में रखते हुए ही कोई निर्णय लेंगे. आपको बता दें कि गैरसैंण मंडल के गठन के फैसले से स्थानीय क्षेत्र के लोगों के साथ साथ पार्टी के कई विधायक भी नाराज हैं.

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