ब्रिटेन में किया था महिला का रेप, भारतीय को मिली 7 साल की सजा

ब्रिटेन में एक महिला का रेप कर भारत आ जाने वाले 35 साल के अजय राणा को इस जुर्म में 7 साल की सजा सुनाई गई है. 9 दिसंबर 2017 को अजय राणा ने अपनी पत्नी की गाड़ी में बलात्कार की वारदात को अंजाम दिया था. पूर्वी इंग्लैंड के सफोल्क शहर के लोवेस्टॉफ्ट में एक महिला को गाड़ी में लिफ्ट देने के बहाने बैठाया, फिर उसका रेप कर दिया था.

अजय राणा, 9 दिसंबर 2017 को ब्रिटेन में एक महिला का यौन उत्पीड़न करने के बाद 13 दिसंबर को मां की बीमारी का बहाना देकर भारत भाग आया था.

2 हफ्तों के ट्रायल के बाद राणा को सफ़ोल्क के इप्सविच क्राउन कोर्ट में बलात्कार का दोषी पाया गया. जिसके बाद सजा सुनाई गई और साथ ही अपराधियों के रजिस्टर पर अनिश्चित काल के लिए हस्ताक्षर करने का भी आदेश दिया गया.

सफोल्क पुलिस के डिटेक्टिव चीफ अधीक्षक ईमोन ब्रिजर ने कहा कि ये एक जटिल जांच थी जिसे सभी चुनौतियों के बावजूद बड़ी जल्दबाजी के साथ पूरा किया गया. जांच टीम ने कई महीनों तक कड़ी मेहनत की है, जिससे पीड़िता को इंसाफ मिल सके. और मुझे इस बात पर गर्व है कि उन्होंने पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए सही परिणाम निकाले हैं. हालांकि, अपराध के बाद जबतक ब्रिटेन की पुलिस संदिग्ध को पहचान पाती तब तक अपराधी देश छोड़ कर भाग चुका था.

हालांकि, राणा को स्पेन में ट्रेस किया गया क्योंकि उसके खिलाफ यूरोपीय अरेस्ट वारंट ब्रिटेन की पुलिस जारी कर चुकी थी. जिसके बाद स्पेन पुलिस ने स्पेनिश कोर्ट की स्वीकृति के बाद पिछले साल नवंबर में राणा को ब्रिटेन भेज दिया.

मुकदमे की सुनवाई के दौरान 30 साल की पीड़िता ने बताया कि उसे अजय राणा ने ये बोलकर लिफ्ट दी कि ठंड बहुत है, मेरे साथ उसने और भी 2 लोगों को लिफ्ट दी. जिसके बाद पीड़िता गाड़ी में बैठ गई. इसके बाद राणा ने नीचे की ओर गाड़ी रोकी और मेरे साथ बलात्कार को अंजाम दिया. फिर किसी तरह वह गाड़ी से बाहर निकलने में कामयाब हुई और मदद के लिए एक दोस्त के घर भागी. जिसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया.   

जिसके बाद सफोल्क पुलिस ने सीसीटीवी, फोरेंसिक जांच और घरों में पूछताछ करके प्रमुख जांच शुरू की. अदालत में दिए गए बयान में पीड़िता ने कहा कि 'ये हमला मुझे पूरी जिंदगी परेशान करेगा.'

पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर होने की वजह से काउंसलिंग के बावजूद उसने खुद को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया और बार-बार फ्लैशबैक का सामना करना पड़ता था.

अजय राणा के ईयरफोन्स से पुलिस ने उनकी पहचान की और सीसीटीवी की मदद से राणा की गाड़ी को ट्रेस किया. घर और दोस्तों के जरिए अजय राणा के भारत आने की खबर मिली और बाद में भारत से बाहर निकालने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया.

उसके खिलाफ यूरोपीय गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया जिससे अगर वो किसी अन्य यूरोपीय संघ (ईयू) के सदस्य राज्य में प्रवेश करने का प्रयास करे तो उसे वहीं गिरफ्तार कर लिया जाए. लंबी कोशिशों के बाद उसे स्पेन में पकड़ा गया और ब्रिटेन वापस लाया गया. राणा को पिछले साल नवंबर में ब्रिटेन में हिरासत में भेज दिया गया और अब वह ब्रिटेन की जेल में 7 साल की सजा काटेगा जिसके बाद उसे वापस भारत भेजने की उम्मीद है.

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