ग्रहण पड़ने से ग्रहीय योग का राशियों पर क्या होगा असर?

नई दिल्ली: भारतीय वैदिक ज्योतिष में ग्रहण का बहुत ज्यादा महत्व है। धार्मिक मान्यतानुसार सूर्यग्रहण व चंद्रग्रहण में गंगा स्नान से श्रेष्ठ फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि सूर्य ग्रहण के बाद स्नान और दान करना भी बहुत अच्छा रहता है। इसलिए गेहूं,धान,चना,मसूर दाल,गुड़,चावल,काला कम्बल, सफेद-गुलाबी वस्त्र,चूड़ा,चीनी,चांदी-स्टील की कटोरी में खीर दान से खास लाभ मिलेगा। ग्रहण को धार्मिक दृष्टि से अत्यन्त महत्त्वपूर्ण माना जाता है। रविवार की सुबह में लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दृश्य नही है। अतःधार्मिक दृष्टि से कोई विशेष महत्त्व नही है फिर भी ग्रहीय पर प्रभाव अवश्य पड़ेगा।

ग्रहण के समय बनने वाले ग्रहीय योग का मेष से मीन राशि तक प्रभाव:-

मेष राशि:--भाग्य वृद्धि,पराक्रम में वृद्धि,खर्च वृद्धि,पेशाब की समस्या।
वृष राशि:- पेट की समस्या,परिश्रम में अवरोध,पराक्रम व धन वृद्धि।
मिथुन राशि:-वाणी में तीव्रता,आन्तरिक शत्रु एवं रोग,सीने की तकलीफ,दाम्पत्य से कष्ट।
कर्क राशि:-कन्धे एवं कमर का दर्द,विद्या वृद्धि,मनोबल कमजोर,भाग्य वृद्धि।
सिंह राशि:- गृह एवं वाहन सुख वृद्धि,बुद्धि एवं धन वृद्धि,वाणी में तीव्रता।
कन्या राशि:- सीने की तकलीफ,आंतरिक डर,अध्ययन में अवरोध,दाम्पत्य में तनाव।
तुला राशि:- धन,पराक्रम और सीने की तकलीफ में वृद्धि,शत्रु विजय।
वृश्चिक राशि:-धन, बुद्धि एवं विद्या वृद्धि,वाणी में तीव्रता,पराक्रम में वृद्धि।
धनु राशि:- दाम्पत्य में तनाव या अवरोध,पेट व पैर की समस्या, क्रोध में वृद्धि,मानसिक पीड़ा।
मकर राशि:- खर्च वृद्धि,मन अशान्त,पैर में कष्ट,कन्धे या कमर के दर्द।
कुम्भ राशि:- आय में वृद्धि ,सम्मान में वृद्धि,विद्याध्ययन में अवरोध,वाणी तीव्र,रोग एवं शत्रु का समन।
मीन राशि:- क्रोध में वृद्धि, सम्मान एवं परिश्रम में अवरोध,आय में वृद्धि।

 

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