नेताओं को बंगला आवंटित होने के क्या हैं नियम

कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को नई दिल्ली स्थित सरकारी बंगला खाली करना होगा. केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने बुधवार को इस संबंध में प्रियंका गांधी को एक नोटिस जारी किया है. जिसके तहत कांग्रेस महासचिव को एक अगस्त तक दिल्ली के लोधी एस्टेट स्थित सरकारी बंगला छोड़ने को कहा गया है. प्रियंका गांधी को यहां पर 1997 से ही टाइप-6 कैटेगरी का बंगला मिला हुआ था. प्रियंका गांधी इस बंगले के लिए 37 हजार रुपये प्रति महीने का किराया दे रही थीं.

प्रियंका गांधी का बंगला लोधी एस्टेट इलाके में है. यहां पर टाइप 6-7 कैटेगरी के बंगले होते हैं. ये बंगले सिर्फ उन लोगों के लिए अलॉट होते हैं जो पांच बार सांसद रहे हों या फिर सांसद बनने से पहले किसी भी राज्य में मुख्यमंत्री या राज्यपाल का पद संभाला हो.

प्रियंका को सुरक्षा के आधार पर मिला था बंगला

हालांकि प्रियंका गांधी इनमें से किसी कैटेगरी में नहीं आती हैं, लेकिन उन्हें स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी SPG सुरक्षा प्रदान की गई थी. इसलिए वो यहां पर रह रही थीं. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद से उनके पूरे परिवार को SPG सुविधा दी गई थी.

गौरतलब है कि 21 मई, 1991 को श्रीपेरंबदूर में एक धमाके में राजीव गांधी की मौत हो गई थी. तभी से उनके पूरे परिवार को ये सुविधा मिल रही थी. लेकिन 2019 में केंद्र सरकार ने गांधी परिवार को मिलने वाली SPG सुरक्षा को हटाकर उन्हें Z+ सुरक्षा दी. जो सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के जिम्‍मे है. लेकिन Z प्लस सुरक्षा में बंगला नहीं मिलता है.

लोकसभा पूल में कुल 517 घर

लोकसभा पूल में कुल 517 घर हैं जिनमें टाइप-आठ बंगलों से लेकर छोटे फ्लैट तक हैं. हॉस्टल भी हैं. बंगला अलॉट करने संबंधित सभी फैसले हाउस कमेटी लेती है. उन्हें विभिन्न श्रेणियों में उपलब्ध फ्लैटों और इनके लिए मिले आवेदनों की संख्या के आधार पर फैसला लेना होता है.

लोकसभा पूल के लिए उपलब्ध रिहाइशी ठिकानों में 159 बंगले, 37 ट्विन फ्लैट, 193 सिंगल फ्लैट, 96 बहुमंजिला इमारतों में फ्लैट और 32 इकाइयां सिंगुलर रेगुलर ठिकानों की हैं. ये सारे आवास सेंट्रल दिल्ली के नार्थ एवेन्यू, साउथ एवेन्यू, मीना बाग, बिशम्बर दास मार्ग, बाबा खड़क सिंह मार्ग, तिलक लेन और विट्ठल भाई पटेल हाउस में हैं.

 

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