विकास दुबे का पासपोर्ट अब भी पहेली, SIT को करनी पड़ रही है कड़ी मशक्कत

लखनऊ, जेएनएन। कानपुर के चौबेपुर में बिकरू गांव में दबिश देने गई पुलिस की टीम पर हमला करने के बाद सीओ देवेंद्र मिश्र सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपित विकास दुबे के खिलाफ दस्तावेज जुटाने में स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआइटी) को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी रही है। दुर्दांत अपराधी विकास दुबे का पासपोर्ट अब जांच एजेंसी के लिए बड़ा सिरदर्द बना है। एसआइटी को 31 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट देनी है।

कानपुर के बिकरू कांड में अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में गठित एसआइटी ने लोगों के बयान दर्ज करने के साथ ही कानपुर पुलिस से मिले दस्तावेजों का अध्ययन शुरू कर दिया है। कानपुर कांड के मुख्य आरोपित विकास दुबे का पासपोर्ट अब भी एसआइटी के लिए पहेली है। पुलिस को अब तक यह पता नहीं चल सका है कि उसके पास पासपोर्ट था या नहीं।

इसे लेकर एसआइटी ने अब कानपुर व लखनऊ पासपोर्ट आफिस से इस संबंध में जानकारी मांगी है। इसके अलावा कानपुर नगर व कानपुर देहात पुलिस से विकास दुबे व उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम आवंटित शस्त्र लाइसेंसों व उनके निरस्तीकरण को लेकर की गई कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा है। जांच के लिए कदम बढ़ा रही एसआइटी के लिए विकास दुबे का साम्राज्य पनपने से लेकर पुलिसकॢमयों से उसकी सांठगाठ समेत अन्य बिंदुओं पर सबसे अहम दस्तावेजी साक्ष्य जुटाना होगा। इसके लिए कानपुर के चौबेपुर थाने में तैनात रहे पुलिसकॢमयों के बारे में पड़ताल की जा रही है।

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