विकास दुबे का अब तक सुराग नहीं, तलाश में जुटीं 20 टीमें, नेपाल बॉर्डर पर भी नजर

यूपी पुलिस कानपुर के गैंगगेस्टर विकास दुबे की तलाश में जुटी हुई है. हालांकि अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है. लिहाजा, कानपुर शूटआउट के मामले में पुलिस शुक्रवार की पूरी रात छापेमारी करती रही. पुलिस की करीब 20 टीमें अलग अलग जिलों में दबिश देती रहीं. ये वो जगहें थीं जहां पर विकास दुबे के रिश्तेदार और परिचित रहते हैं. पुलिस ने इस मामले मे 12 और लोगों को हिरासत में लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है. विकास दुबे के नेपाल भागने की भी आशंका है, लिहाजा लखीमपुर खीरी जिले की पुलिस भी अलर्ट पर है.

लखीमपुर खीरी की एसपी ने आजतक से बताया कि नेपाल बॉर्डर पर अलर्ट कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि यहां नेपाल से जुड़ी 120 किमी की सीमा है, चार थाने हैं, हर जगह फोटो चस्पा कर दी गई है, एसएसबी के अधिकारियों से बात हो गई है. इसके अलावा लखीमपुर की एसपी ने बताया कि जिले के बॉर्डर पर भी अलर्ट है और जांच की जा रही है.

वहीं, पुलिस जिन लोगों से पूछताछ कर रही है, उन्हें मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर उठाया है. दरअसल, इन लोगों से विकास दुबे की घटना से पहले 24 घंटों में बातचीत हुई थी. हैरानी की बात है कि विकास के कॉल डिटेल में कुछ पुलिसवालों के नंबर भी हैं.

जानकारी के मुताबिक पुलिस की जांच में आया है कि चौबेपुर थाने के ही एक दारोगा ने विकास को पुलिस के आने की जानकारी पहले दी थी. शक के घेरे में एक दारोगा, एक सिपाही और एक होमगार्ड है. तीनों की कॉल डिटेल के आधार पर उनसे पूछताछ की जा रही है.

कानपुर मामले में चौबेपुर के एसओ की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है. जानकारी के मुताबिक एसओ विनय कुमार 1 जुलाई को शिकायतकर्ता राहुल तिवारी के साथ विकास दुबे के घर गया था. जहां विकास ने न सिर्फ़ राहुल तिवारी की जूतों से पिटाई की थी बल्कि एसओ के साथ भी हाथापाई की थी. इन लोगों के फोन भी छीन लिए गए थे. लेकिन एसओ ने ये बात अपने आला अधिकारियों को नहीं बताई.

हमले के मास्टर माइंड के बारे में पूछताछ

पुलिस ने मोस्ट वॉन्टेड विकास दुबे के गांव से दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया है. उनसे घटना क्रम और हमले के मास्टर माइंड विकास के बारे में पूछताछ किए जाने की तैयारी है. साथ ही पुलिस ने करीब पांच सौ मोबाइल फोन नंबर सर्विलांस पर लगाए हैं. पूरे बिकरू गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. घटना के बाद से ही गांव और आस-पास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

गांव से करीब 2 दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. यही नहीं पुलिस की फॉरेंसिक टीम भी मौका-ए-वारदात पर छानबीन कर रही है. डीजीपी ने खुद गांव का दौरा किया है. वहीं गांव से जोड़ने वाले नाकों के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं. बता दें कि शुक्रवार तड़के हुई इस मुठभेड़ में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं.

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