इस तरह से खुद को बचा सकते हैं स्वाइन फ्लू के कहर से...

लखनऊ : बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी को स्वाइन फ्लू हो गया है। खांसी और सर्दी होने के बाद जांच के दौरान उनके फ्लू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई। वे फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और तेजी से उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। ऐसे में आज हम आपको स्वाइन फ्लू से जुड़े कुछ ऐसी सच्चाईयां बताने जा रहे हैं जिनके बारे में आप शायद ना जानते हों। साथ ही जानिए उन घरेलू नुस्खों को जो आपको स्वाइन फ्लू से दिलवाएंगे छुटकारा।

आमतौर पर स्वाइन फ्लू जी मिचलाना, नाक बहना, कमजोरी और काम करने में असमर्थता है। लेकिन लोग मानते हैं कि H1N1 इंफेक्शन के कारण मसल्स वीकनेस, ऑर्गन फेल्योर यहां तक कि मौत भी हो सकती है। बहुत से लोग मानते हैं कि ये हाईली इंफेक्शन डिजीज़ हैं। जबकि ये मिथ है।

ऐसा माना जाता है कि स्‍वाइन फ्लू एक घातक बीमारी है। जबकि ये सच नहीं है स्वाइन फ्लू का इलाज संभव है। सिर्फ 1 फीसदी ऐसा होता है कि इसमें मौत हो। स्वाइन फ्लू के लिए दी जाने वाली एंटीबॉडीज बहुत सुरक्षित हैं। एक व्यक्ति को अपनी लाइफ में सिर्फ एक बार ही ये इंफेक्शन होता है।

मिथ है कि सुअरों के जरिए ही स्वा‍इन फ्लू फैलता है। जबकि सच ये है कि स्वाइन फ्लू इंसानी वायरस है। इसके फैलने का कारण इंफेक्टिड व्यक्ति के शरीर की एक छोटी सी बूंद है फिर चाहे वो छींक के जरिए हो। साथ ही कफ, ड्रिप या फिर ये उस जगह ट्रैवल करने से ये फैलता है जहां स्वाइन फ्लू वायरस अधिक मात्रा में फैला हो।

ये भी मिथ है कि स्वाइन फ्लू सर्दियों में नहीं फैलता। जबकि सच ये है कि मार्च और अप्रैल में ये वायरस ज्यादा फैलता है लेकिन पूरे साल में कभी भी किसी को भी हो सकता है।

ये मिथ है कि स्वाइन फ्लू फीजिकल कॉन्‍टेक्ट होने पर ही होता है। जबकि सच ये है कि ये इंफेक्टिड व्यक्ति के छींकने या खांसने से भी फैल सकता है। यदि सेहतमंद व्यक्ति इंफेक्टिड व्यक्ति से 4 से 5 फीट दूरी पर है तो इंफेक्टिड व्यक्ति के छींकने या खांसने पर सेहतमंद व्यक्ति को ये इंफेक्शन हो सकता है।

ये मिथ है कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सिर्फ बच्चों के लिए वैक्सीनेशन है। जबकि इसकी वैक्सीनेशन बच्चों और बड़ों दोनों के लिए मौजूद है।

ऐसा माना जाता है कि पहले से इस्तेमाल हुए टिश्यू से ये नहीं फैलता जबकि ये सच नहीं है। दस्ताने से लेकर मास्क और टिश्यू अगर इंफेक्टिड व्यक्ति ने इस्तेमाल किए हैं तो ये किसी दूसरे के इस्तेमाल करने पर उसको भी ये वायरस हो सकता है।

कुछ लोग मानते हैं कि ये खाद्य पदार्थों से होने वाला वायरस है। लेकिन सच ये है कि सुअर का मांस या मीट खाने से ये हो सकता है अगर मीट को 100 डिग्री टेंप्रेचर पर नहीं पकाया गया तो। अब तो आप समझ गए होंगे कि स्वाइन फ्लू से जुड़े सच क्या हैं। आप ये भी जान लें कि इसके बचाव के लिए घरेलू नुस्खे क्या हैं-

2 से 3 चुटकी दालचीनी के दानों को एक गिलास पानी में मिलाकर पीएं। ऐसा करने के दौरान मरीज को ब्लड को मोटा करने वाली दवाईयों से परहेज करना चाहिए। यदि आप एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पीएंगे तो भी आप स्वाइन फ्लू वायरस से जल्दी निजात पाएंगे। रोजाना सुबह उठकर पानी के साथ आंवला लेने से भी फायदा होगा।

 

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