देश कर रहा है इसरो और विज्ञान की तारीफें, यूपी के कौशाम्बी में लगा है अंधविश्वास का मेला

कौशाम्बी: अफवाह और अंधविश्वास का ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने एक मासूम से उसका बचपन छीन लिया है. यहां कुछ दिनों पहले यह अफवाह फ़ैली कि छह साल का एक बच्चा जिसे भी छू लेता हैं, उसकी गंभीर से गंभीर बामारियां दूर हो जाती है. इस अफवाह को ऐसे पंख लगे कि इन दिनों बच्चे के घर पर रोज़ाना पांच से दस हजार की भीड़ अपना इलाज कराकर कथित रूप से बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए आ रही है.अंधविश्वास और अफवाह के चलते बच्चे के गांव में पूरे दिन मेला लगा रहता है. 

आसपास के जिलों से नहीं बल्कि दिल्ली और मुम्बई जैसे बड़े शहरों से भी तमाम लोग यहां पहुंच रहे हैं. छह साल का गोलू अब गोलू बाबा बन चुका है. लोग उसकी एक झलक पाने और उसके हाथों का स्पर्श कराने के लिए रोते और तड़पते नज़र आते हैं. किसी को चार - छह घंटे बाद गोलू बाबा के दर्शन हो रहे हैं तो किसी को दो दिन बाद.

ये मामला कौशाम्बी जिले के बेरूई गांव का है. यहां एक गरीब परिवार के छह साल के बच्चे गोलू सरोज ने तकरीबन दो महीने पहले यह दावा किया कि गांव के तालाब में जब वह गिर गया था तो उससे एक मछली ने आकर चुपके से कहा आज के बाद वह जिसे भी छू लेगा, वह पूरी तरह निरोगी हो जाएगा और उसकी गंभीर से गंभीर बीमारी भी दूर हो जाएगी. खेल खेल में किये गए इस दावे को गोलू ने पहले तो अपने हमउम्र बच्चों पर आजमाया. जब गांव के कुछ बच्चों ने गोलू के छूने से ठीक होने की बात कही तो उसका यह दावा आस-पास के गांवों में फैला.

वैसे गोलू बाबा के पास आने वाले तमाम लोग गंभीर बीमारियों से ठीक होने का दावा भी कर रहे हैं. वजह कुछ भी हो लेकिन भीड़ के चलते मासूम गोलू इन दिनों न तो अपने दोस्तों के साथ खेल पा रहा है. न घर के बाहर कदम रख पा रहा है. इतना ही नहीं वह पिछले पंद्रह दिनों से स्कूल भी नहीं जा पाया है. मासूम का बचपन खतरे में हैं. उसका भविष्य दांव पर लगा हुआ है और इन सबके बीच अफसरों को यह नहीं सूझ रहा है कि मासूम गोलू के दर्शन के लिए लड़ने और मरने पर उतारू भीड़ को कैसे समझाया और काबू में किया जाए.

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