शत्रुघ्न सिन्हा का बयान- अच्छे कलाकार के बावजूद हमें किसी दूसरे देश के गायकों की क्या जरूरत?

मुंबई : जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले से परेशान और विचलित सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने जल्दबाजी में जवाबी कार्रवाई के प्रति आगाह किया है। अभिनेता से राजनेता बने शत्रुघ्न ने कहा, "जोश में कहीं अपना होश न खो बैठें। मैं जानता हूं कि पुलवामा में जो भी हुआ, उसके बाद गुस्सा उबल रहा है। यह कायरता का बेशर्मी भरा कृत्य है और इससे सबसे संभव कठोर तरीके से निपटा जाना चाहिए।"

उन्होंने आगाह किया, "हमारे माननीय प्रधानमंत्री ने हमसे हिंसा के इस उन्मादी कृत्य का मुंहतोड़ जवाब देने का वादा किया है। हमें गुस्से में आकर जवाब नहीं देना चाहिए। हम सभी भारतीय घायल और चोट खाए हुए हैं। हमें कुछ करने से पहले अपने अगले कदम के बारे में गहराई से सोचना चाहिए।"

पुलवामा हमले पर पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की टिप्पणी पर प्रत्यक्ष रूप से बोलने से इनकार करते हुए शत्रुघ्न ने राजनेताओं को इस प्रकार के बयान देने के प्रति चेताया। उन्होंने कहा, "किसी को भी कुछ कहने को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। भारतीय जनता अमनपसंद आवाजें (अभी) नहीं सुनना चाहती। भारत इस वक्त बहुत गुस्से में है।"

क्या हमें बॉलीवुड में सभी पाकिस्तानी कलाकारों को प्रतिबंधित कर देना चाहिए? इस पर शत्रुघ्न ने कहा, "सांस्कृतिक आदान-प्रदान और उनके साथ क्या करना चाहिए, इस बारे में अभी सोचना तक भी सही नहीं होगा। मैं यह कहना चाहूंगा कि यह मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, लता मंगेशकर और आशा भोसले की जमीन है। हमें किसी दूसरे देश के गायकों की जरूरत क्यों पड़ती है?"

बता दें कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने 100 किलोग्राम विस्फोटक से भरे एक वाहन से सीआरपीएफ की बस को टक्कर मारकर इस हमले को अंजाम दिया था। हमले के बाद से देश गुस्से में है और जगह-जगह पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। शहीद के परिवारवालों सहित पूरा देश इस हमले का बदला मांग रहा है।

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