प्रशांत किशोर का बड़ा एलान, 20 फरवरी से 'बात बिहार की' कार्यक्रम की करेंगे शुरुआत

दिल्ली में केजरीवाल सरकार को प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापसी कराकर अपनी रणनीति का लोहा मनवा चुके प्रशांत किशोर मंगलवार को पटना में प्रेस कांफ्रेंस किया। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रशांत ने सबसे पहले नीतीश कुमार के साथ अपने संबंधों के लेकर खुलासा करते हुए कहा कि नीतीश कुमार मेरे पितातुल्य हैं। उनसे मेरा राजनीतिक संबंध नहीं है। उन्होंने मुझे बेटे की तरह रखा। उनसे मेरा सिर्फ वैचारिक मतभेद है।

प्रशांत किशोर ने कहा कि गांधी-गोडसे साथ नहीं चल सकते हैं। इसी को लेकर मेरा नीतीश कुमार से मतभेद था।हम एक सशक्त नेता चाहते हैं, हमें पिछलग्गू नेता नहीं चाहिए।जो बिहार के लिए खड़ा होगा, बिहार की जनता उसके साथ खड़ी होगी।मैं भाजपा के साथ चुनाव लड़ने को लेकर सहमत नहीं हूं।पिछले 15 सालों में बिहार में बहुत विकास हुआ है, लेकिन ऐसा विकास नहीं हुआ है जिससे बिहार की स्थिति में अमूल-चूल बदलाव आया है।आज भी बिहार की स्थिति दुसरे राज्यों की तुलना में वहीं बनी हुई है जो 2005 में थी।नीतीश ने बच्चों को स्कूल तक पहुंचाया, साइकिल और पोशाक बांटी, लेकिन एक अच्छी शिक्षा नहीं दे सके।मैं हर घर बिजली पहुंचाने के लिए नीतीश कुमार को धन्यवाद देता हूं। लेकिन अब भी बिहार बिजली खपत में अन्य राज्यों के मुकाबले बहुत पीछे हैं।बिहार में ऐसा दिन भी आना चाहिए जब गुजरात के लोग चलकर बिहार में काम करने आएं।2005 में बिहार के लोगों की प्रति व्यक्ति आय 22वें स्थान पर था आज भी वहीं है। हमें 10वें स्थान पर पहुंचना है।सबसे ज्यादा गरीब आज भी बिहार में हैं।जो बिहार को अगले दस सालों में टॉप 10 राज्यों में देखना चाहते हैं, नीतीश उन्हें बताएं अगले 10 सालों में क्या करेंगे।मैं बिहार में राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर 10 साल पहले अपनी यात्रा की शुरुआत की थी।जब तक जीवित हूं बिहार के लिए पूरी तरह समर्पित हूं, मैं कहीं नहीं जाने वाला हूं। मैं आखिरी सांस तक बिहार के लिए लड़ूंगा।मैं ऐसे लोगों को जोड़ना चाहता हूं जो बिहार को अग्रणी राज्यों की दौर में शामिल करना चाहते हैं।20 फरवरी से मैं एक नया कार्यक्रम 'बात बिहार की' शुरू करने जा रहा हूं।मैं किसी गठबंधन या किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ने जा रहा हूं।

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