किन रास्‍तों से विकास दुबे कानपुर से उज्‍जैन पहुंचा था

कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्‍या में शामिल गैंगस्‍टर विकास दुबे ने पुलिस को अपने उज्जैन पहुंचने की जानकारी दी है। उसने पुलिस को बताया कि फरीदाबाद से वह कार से दिल्ली, अलवर होते हुए राजस्थान के झालावाड़ तक पहुंचा था। वहां से वह वीडियो कोच बस से उज्जैन आया था। विकास के साथ दो साथी और थे। उज्जैन छोड़ने के बाद वे गायब हो गए। रातभर विकास उज्जैन में एक परिचित के घर पर रुका था। सुबह जल्दी निकला और रामघाट पर शिप्रा स्नान करने के बाद महाकाल मंदिर पहुंचा था। हालांकि पुलिस ने विकास के पकड़े जाने से लेकर उसे कानपुर भेजे जाने तक के मामले को लेकर चुप्पी साध रखी है। पुलिस यह भी बताने को तैयार नहीं है कि विकास को गिरफ्तार किया गया या फिर उसने सरेंडर किया।

एसपी मनोजसिंह ने गुरुवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि विकास दुबे गुरुवार सुबह करीब 7.45 बजे महाकाल मंदिर दर्शन के लिए पहुंचा था। पुलिस की गिरफ्त में आने पर उसने पहले अपना नाम शुभम बताया, उसने पहचान पत्र भी नवीन पाल के नाम से बताया था। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना नाम विकास दुबे निवासी कानपुर कबूल कर लिया। इसके बाद कानपुर पुलिस से संपर्क कर उसके बारे में जानकारी ली गई। उत्तर प्रदेश एसटीएफ के अधिकारी गुरुवार शाम को उज्जैन पहुंचे थे। इस पर विकास दुबे को कानपुर पुलिस को सौंप दिया। उज्जैन से भी सुरक्षाबलों को साथ भेजा गया है।

विकास ने पूछताछ में पुलिस के सामने कबूला था कि दो साथी उसके साथ उज्जैन तक आए थे, मगर पुलिस यह बताने को तैयार नहीं है कि दोनों साथी कौन थे। बताया जा रहा है कि दोनों साथी विकास के ही गैंग के सदस्य थे। यहां उसे सुरक्षित छोड़ने के बाद वह गायब हो गए।

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