बिन छुए चलाए जा सकेंगे अब स्मार्ट डिवाइस

नई दिल्ली: कीपैड के बाद आया टच स्क्रीन,लेकिन अब आगे क्या? गूगल एक ऐसी टेक्नॉलजी पर काम कर रही है जिससे स्मार्ट डिवाइस को बिना टच किए ही चला सकते हैं। हम यहां वॉयस कंट्रोल की बात नहीं कर रहे हैं,क्योंकि वॉयस कंट्रोल अभी भी है। गूगल प्रोजेक्ट सोली पर काम कर रहा है और अब इसे फेडरल अप्रूवल मिल गया है। इस रेडार प्रोजेक्ट पर गूगल 2015 से काम कर रही है। इस प्रोजक्ट पर गूगल काफी समय से काम कर रही है। इसके तहत कंपनी का टार्गेट ये है कि बिना स्क्रीन को टच किए हुए चुटकी बजा कर डिवाइस को ऑपरेट किया जा सकेगा। जैसा आपने साइंस फिक्शन फिल्मों में देखा होगा बिना स्क्रीन टच किए काम किए जाते हैं। इसका बेहतरीन उदाहरण हॉलीवुड फिल्म आयरनमैन के गैजेट्स हैं। इस टेक्नॉलजी के तहत आप स्पीकर के पास चुटकी बजा कर इसे स्टार्ट कर सकते हैं,म्यूजिक ऑन कर सकते हैं, इसे ऑफ कर सकते हैं या फिर स्मार्ट वॉच ऑपरेट कर सकते हैं। इसके लिए स्पीकर में रेडार सेंसर लगाया जाएगा।

कंपनी इसका शुरुआती प्रोटोटाइप भी लाई थी,लेकिन सफल नहीं हो पाया और हर तरह के मोशन डिटेक्ट करने में फेल हो गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इस टेक्नॉलजी को यूज करने में पेंच है। रेडार बेस्ड मोशन सेंसर को हाई लेवल पर यूज करने में फेसबुक को आपत्ति थी और उसका कहना था कि इससे मौजूदा टेक्नॉलजी प्रभावित होगी, इसलिए गूगल को तब अप्रूवल नहीं मिला। हालांकि बाद में दोनों कंपनियों ने मिलकर बातचीत की और रास्ता निकाला। गूगल कम पावर लेवल पर इसे यूज करने के लिए मान गई और इसके बदले में फेसबुक ने गूगल के लिए वेवर का विरोध नहीं किया। अब गूगल फेडरल कम्यूनिकेशन कमिशन से रेडार बेस्ड मोशन सेंसर टेक्नॉलजी यूज करने की इजाजत मिल गई है जिसे गूगल प्रोजेक्ट सोली कहती है।गूगल के मुताबिक इस सेंसर के जरिए यूजर अपने थंब और इंडेक्स फिंगर के बिच न दिखने वाले बटन प्रेस कर सकेंगे जिसे वर्चुअल डायल कहा जाएगा। चुटकी बचाने पर ये ऑन हो जाएगा। गूगल की वेबसाइट पर एक वीडियो है जिसमें ये दिखाया गया है। गूगल का कहना है कि यूजर स्मार्ट वॉच,म्यूजिक स्क्रॉल या फिर इसे यूज करते हुए वॉल्यूम ऐडजस्ट कर सकता है। कुल मिला कर बात ये है कि ये टेक्नॉलजी टच स्क्रीन को रिप्लेस करने की क्षमता रखती है,लेकिन यह अभी शुरुआती दौर में है और इसमें अभी काफी समय लग सकता है।

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