मारुति सुजूकी ने रेल से भेजे 6.7 लाख कार, 10 करोड़ लीटर ईंधन की बचत का किया दावा

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजूकी इंडिया अब तक 6.7 लाख कार भारतीय रेल के जरिए पहुंचा चुकी है. MSI ने बुधवार को कहा कि कंपनी पिछले छह साल से ऐसा करती चली आ रही है. कंपनी हर साल 18 प्रतिशत वृद्धि के साथ आपूर्ति स्थल तक 6.7 लाख कार रेल के जरिए भेज पाई है.

 

मारुति सुजूकी ने 6 साल में भेजे रेल से 6.7 लाख कार 

कंपनी ने बताया कि उसने रेल से कार भेजने की शुरुआत 2014 में की थी. इस दौरान  उसकी पहल से करीब बड़े पैमाने पर कार्बन डायआक्साइड के उत्सर्जन को कम करने में कंपनी को सफलता मिली है. कंपनी ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक लाख ट्रक के चक्कर बचाकर 10 करोड़ लीटर ईंधन बचत का दावा किया है. प्रमुख कार कंपनी ने अपने बयान में कहा कि पिछले वित्त वर्ष में उसने 1.78 लाख कारों को रेलवे के जरिये भेजा. यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 15 प्रतिशत ज्यादा रहा.  उसने बताया कि यह संख्या कंपनी की वित्त वर्ष के दौरान हुई कुल बिक्री का 12 प्रतिशत है. कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ केनिची आयुकावा ने कारें भेजने के लिए रेलवे का इस्तेमाल करने के बारे में कहा, ‘‘कारें भेजने की बढ़ती संख्या को देखते हुए हमारी टीम ने बड़े पैमाने पर लॉजिस्टिक प्रवाह की जरूरत को महसूस किया.

 

6.7 लाख कार भेजने से 10 करोड़ लीटर ईंधन की बचत

हमने महसूस किया कि न केवल विस्तार के लिये बल्कि जोखिम कम करने के लिए भी हमें सड़क माध्यम के अलावा दूसरे माध्यमों को देखना चाहिये.’’ कंपनी ने शुरू में 125 कारें ले जाने की क्षमता के रेलवे वैगन का इस्तेमाल किया. उसके बाद डबल-डेकर रैक का इस्तेमाल शुरू हुआ जिसमें 265 कारें ले जाने की क्षमता होती है. इन रैकों के जरिये अब तक 1.4 लाख कारें भेजी जा चुकीं हैं. अब कंपनी 27 रैक का इस्तेमाल कर रही है. इनमें प्रत्येक रैक में 318 कारें भेजी जा सकतीं हैं. मारुति ने कहा है कि वह देश की पहली कार निर्माता कंपनी है जिसके पास आटोमोबाइल फ्रेट ट्रेन आपरेटर (AFTO) लाइसेंस है. वर्तमान में कंपनी पांच टर्मिनल-गुरुग्राम, फारुखनगर, कठुवास, पाटली, डेट्रोज- से कारें लादने का काम करती है.

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