जानिए मकर संक्रांति का पर्व किस दिन मनाया जाएगा?

नई दिल्ली :भारतीयों का प्रमुख पर्व मकर संक्रांति अलग-अलग राज्यों, शहरों और गांवों में वहां की परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है. इसी दिन से अलग-अलग राज्यों में गंगा नदी के किनारे माघ मेला या गंगा स्नान का आयोजन किया जाता है। कुंभ के पहले स्नान की शुरुआत भी इसी दिन से होती है। मकर संक्रांति त्योहार विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नाम से मनाया जाता है। सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होने और मलमास के समाप्त होने का दिन होता है मकर संक्रांति। इस दिन से देवताओं का छह माह का दिन प्रारंभ होता है इसलिए यह दिन हिंदू धर्मावलंबियों के लिए बड़ा महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। लेकिन मकर संक्रांति पर्व की तारीख को लेकर अक्सर आम लोगों में अनिश्चय की स्थिति रहती है। अधिकांश लोग बरसों से चली आ रही प्रचलित परंपरा के अनुसार 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व मनाते हैं। जबकि वास्तव में मकर संक्रांति का पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के समय से तय होता है।

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इस साल भी मकर संक्रांति पर्व की तारीख को लेकर आम लोगों में कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है। संक्रांति 14 को मनाई जाए या 15 को इसे लेकर पंडितों से पूछताछ जारी है तो आइए जानते हैं इस साल आखिर मकर संक्रांति का पर्व किस दिन मनाया जाएगा। इस साल सूर्य मकर राशि में 14 जनवरी सोमवार की मध्यरात्रि के बाद 2 बजकर 30 मिनट पर प्रवेश कर रहा है। इसलिए संक्रांति का पर्व काल अगले दिन यानी 15 जनवरी मंगलवार को मनाना शास्त्र सम्मत रहेगा। 15 जनवरी को पर्वकाल सूर्योदय से सूर्यास्त तक रहेगा। इसलिए पवित्र नदियों में स्नान, दान कर्म आदि 15 जनवरी को ही किए जाएंगे।

 

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