कल्याण सिंह ने विपक्ष को घेरा, हुए भाजपा में शामिल

राज्यपाल पद से सेवानिवृत्त हुए यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह सोमवार को फिर भाजपा के हो गए। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने राजधानी स्थित पार्टी मुख्यालय में उन्हें सदस्यता दिलाई। सदस्यता ग्रहण करने के दो घंटे बाद ही कल्याण सिंह ने राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर विपक्षी दलों को कठघरे में खड़ा कर दिया। अपने पौत्र राज्यमंत्री संदीप सिंह के आवास पर मीडियाकर्मियों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करोड़ों लोगों की आस्था का प्रश्न है। वे इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते, लेकिन देश के राजनीतिक दलों को इस पर अपना रुख साफ करना चाहिए कि वे अयोध्या में मंदिर निर्माण के पक्ष में हैं या नहीं। 

कल्याण सिंह ने कहा कि ‘न मेरा तन रिटायर है न मन’। राजनीति जनसेवा का सशक्त माध्यम है। इससे रिटायर होने का मतलब जनसेवा से खुद को अलग करना है, वे स्वयं को इससे कभी विमुक्त नहीं करेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि भविष्य में वह कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। बहुत चुनाव लड़ चुके हैं, हर बार कार्यकर्ताओं ने प्यार दिया, यही उनकी पूंजी है। कल्याण सिंह ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कोई विकल्प नहीं है, यहां तक कि दोनों के विकल्प के लिए कोई पात्र भी नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते ढाई वर्ष में गांव, गरीब और किसान के हित में अनेक योजनाएं और परियोजनाएं लागू हुई हैं। प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था का प्रमाण है कि यूपी जैसे संवेदनशील प्रदेश में बीते ढाई वर्ष में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ।

कल्याण सिंह ने भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल की तारीफ करते हुए उन्हें संगठन तंत्र का कुशल कारीगर और राजनीतिक मशीनरी का एक्सपर्ट इंजीनियर बताया। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि योगी, स्वतंत्र देव और बंसल की देखरेख में भाजपा बहुत आगे बढ़ी है।

 

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