क्या मध्य प्रदेश में शिवराज कैबिनेट के विस्तार पर फिर फंस गया है कोई पेच?

मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के 100 दिन पूरे हो गए हैं, लेकिन अभी तक वो महज 5 मंत्रियों के साथ काम कर रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट विस्तार को लेकर पिछले दो दिनों से बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकात और मंथन करने रहे थे. इसके बावजूद अभी तक नए मंत्रिमंडल के विस्तार का कोई कार्यक्रम सामने नहीं आया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या शिवराज कैबिनेट विस्तार पर फिर कोई पेच फंस गया है?

बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में अभी तक रुके हुए हैं. शिवराज ने पिछले दो दिनों में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक से मुलाकात की है. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर से लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भी बैठक कर चर्चा की. इसके बाद माना जा रहा था कि मंत्रिमंडल का विस्तार मंगलवार को हो जाएगा, लेकिन राज्यपाल आनंदीबेन का अभी तक भोपाल आने का कोई कार्यक्रम तय नहीं है.

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वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी दिल्ली में रुके हुए हैं. इसके बाद माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार का मामला उलझ गया है. सूत्रों के मुताबिक शिवराज के मंगलवार दोपहर तक ही दिल्ली से वापस आने की संभावना है. वहीं, सिंधिया समर्थको को भी इस बात की उम्मीद थी कि मंगलवार को भोपाल पहुंचेगे, लेकिन फिलहाल अभी तक उनके कार्यक्रम तय नहीं हो सके हैं.

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी सोमवार को अचानक दिल्ली पहुंचे जबकि पहले उनका कार्यक्रम ग्वालियर जाने का था. नरोत्तम मिश्रा पूरा दिन दिल्ली में मौजूद रहे और उन्होंने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक और मुलाकात की है. ऐसे में मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारे में कई तरह के कयास लगाए जाते रहे.

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दरअसल, विपक्ष लगातार टलते कैबिनेट विस्तार पर सवाल खड़े कर रहा है और आरोप लगा रहा है कि भाजपा और सिंधिया समर्थकों के कितने नेताओं को कैबिनेट में जगह देना है इस पर एक राय नहीं बन पा रही है इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार टलता जा रहा है.

कमलनाथ सरकार की सत्ता से विदाई के के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक महीने तक बिना मंत्रियों के सरकार चलाई और एक महीने बाद मिनी कैबिनेट का गठन किया. लेकिन कोरोना और लॉकडाउन के चलते कैबिनेट का विस्तार अब तक नहीं हो पाया. वहीं राज्यपाल लालजी टंडन के बीमार होने के कारण भी माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल का गठन अटका हुआ था. बहरहाल, अब सबको मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार है ताकि कयासों और अटकलों पर विराम लग सके.

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