Interim budget 2019: कर्ज माफी से बेहतर है न्यूनतम आय, केंद्र और राज्य दोनों सरकारों का खर्चा 1.5 तक बढ़ेगा

नई दिल्ली : घरेलू रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स का मानना है कि अंतरिम बजट में गरीबों के लिए इनकम सपोर्ट स्कीम (आय सहायता योजना) की घोषणा की जा सकती है। एजेंसी का कहना है कि इस योजना से केंद्र और राज्य सरकारों दोनों का खर्चा 1.5 ट्रिलियन रुपये (लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ जाएगा जो कि जीडीपी का 0.7 फीसद हिस्सा होगा। वहीं एजेंसी का यह भी कहना है कि यह किसान कर्जमाफी से काफी बेहतर रहेगा। एजेंसी की ओर से यह प्रतिक्रिया कांग्रेस के हालिया बयान के बाद आई है। कांग्रेस की ओर से एक हालिया बयान में कहा गया था कि अगर वो सत्ता में वापसी करती है तो आय समर्थन योजना (इनकम सपोर्ट स्कीम) को लागू करेगी। एजेंसी ने बताया कि आगामी बजट में इस तरह की स्कीम की घोषणा हो सकती है।

एजेंसी ने आगे कहा, "केंद्र सरकार की ओर से प्रायोजित इनकम सपोर्ट योजना को लागू किया जाना कर्जमाफी से बेहतर विकल्प है।" एजेंसी ने आगे कहा कि सरकार वोट ऑन अकाउंट पेश किए जाने के दौरान किसानों के लिए राहत पैकेज की घोषणा कर सकती है। इंडिया रेटिंग्स ने कहा कि कृषि संकट कोई नया नहीं है और इस संकट से लड़ने के लिए पूर्व की कई सरकारों ने कई विकल्पों को आजमाया है जैसे कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक खर्चों को बढ़ाना, मिनिमम सपोर्ट प्राइज को बढ़ाना, कृषि कर्ज में इजाफा करना, ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना शुरू करना और कृषि कर्ज माफ करना या प्रत्यक्ष आय सहायता प्रदान करना।

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