इंडोनेशिया के ज्वालामुखी में विस्फोट, 7 किलोमीटर तक धुएं का गुबार

इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखी माउंट सिनाबंग में एक बार फिर विस्फोट हुआ है. उत्तर सुमात्रा में इस ज्वालामुखी से 7 किलोमीटर ऊंचा धुआं और राख उठता दिख रहा है. इससे पहले 2014 में हुए विस्फोट में ज्वालामुखी ने 20 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी.

ज्वालामुखी में विस्फोट के बाद रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है. विमानों को अपना रूट बदलने की हिदायत दी गई है. इंडोनेशिया की एजेंसियां ज्वालामुखी पर नजर रख रही हैं. छोटे-छोटे विस्फोट के साथ इससे लगातार धुआं और राख निकल रही है. करीब 8 हजार फीट ऊंचा ये ज्वालामुखी बेहद सक्रिय है.

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, एजेंसी ने एक बयान में कहा कि जकार्ता के समयानुसार अपरान्ह 16:28 बजे धुंआ और राख निकलना शुरू हुआ. इसके बाद गर्म राख दक्षिणपूर्व व ज्वालामुखी के दक्षिण में क्रमश: 3.5 किमी व 3 किमी तक फैल गई.

हालांकि, एजेंसी ने कहा कि अब तक किसी नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है. सिनाबंग पर्वत से 5 किमी की दूरी बनाए रखने की बात कही गई है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा कि ज्वालामुखी के नजदीक रहने वाले लोगों को राख से बचने के लिए मास्क का इस्तेमाल करने को कहा गया है.

सिनाबंग पर्वत कारो जिले में उत्तरी सुमात्रा प्रांत में स्थित है. इसकी ऊंचाई 2,475 मीटर है. साल 2014 में ज्वालामुखी स्फोट में 16 लोग मारे गए थे और हजारों बेघर हुए थे. सिनाबंग पर्वत, इंडोनेशिया के 129 सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है.

इससे पहले मई में माउंट अगुंग ज्वालामुखी के सक्रिय होने से उत्पन्न राख की वजह से एक दर्जन से अधिक उड़ानों को रद्द कर दिया गया. सामाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पूर्वो नुग्रोहो ने एक बयान में कहा कि विस्फोट साढ़े चार मिनट तक हुआ और इस दौरान तेज आवाज हुई और ज्वालामुखी के क्रेटर से निकला लावा और पत्थर तीन किलोमीटर के दायरे में फैल गया.

बाली से जाने-आने वाली उड़ानों को संचालित करने वाली कंपनियां क्वांतस एयरवेज, वर्जिन ऑस्ट्रेलिया एयरलाइंस और जेटस्टार एयरवेज ने अपनी उड़ानों को रद्द कर दिया है और एडिलेड और बाली की राजधानी देनपासेर के बीच एक जेटस्टार की उड़ान का मार्ग बदलकर उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के डार्विन कर दिया गया है. ज्वालामुखी से उत्पन्न राख की वजह से नौ गांव प्रभावित हुए. अधिकारियों ने हवाई आवागमन के लिए दूसरे चेतावनी स्तर 'ओरेंज अलर्ट' को जारी किया गया था.

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