दहशत के साये में गुजरात, यूं डराकर न‍िकल रहा 'वायु' चक्रवात

 

  • दहशत के साये में गुजरात, यूं डराकर न‍िकल रहा 'वायु' चक्रवात
     

    भारत के दक्ष‍िणी राज्यों में तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान 'वायु' गुरुवार को गुजरात में तबाही मचाने वाला था लेक‍िन बुधवार शाम को चक्रवात का रास्ता बदल जाने के कारण अब इसका असर गुजरात के सौराष्ट्र इलाके में ही होने के आसार द‍िखाई दे रहे हैं. इससे पहले चक्रवाती तूफान से न‍िपटने के ल‍िए पहले  500 गांवों के तीन लाख लोगों को सुरक्ष‍ित स्थानों पर पहुंचाया गया. इन्हें 2 हजार जगहों पर रखा गया इनमें से करीब दस हजार टूर‍िस्ट भी थे. ये टूर‍िस्ट पोरबंदर, द्वारका और सोमनाथ में फंसे थे. राज्य के 9 जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही नौसेना के युद्धपोतों और विमानों को भी तैयार रहने को कहा गया. Photo: 

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    मौसम विभाग के मुताबिक, वेरी सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म वायु 13 जून को दोपहर तक द्वारका और वेरावल के बीच  सौराष्ट्र तट को पार करेगा. जब यह तूफान लैंडफॉल करेगा  तो इसमें  हवाओं की रफ्तार 155 से 165 किलोमीटर प्रति घंटा होगी.  इसी के साथ  इसमें हवा के झोंकों की रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटा जा सकती है. चक्रवात 'वायु' किन-किन इलाकों को कैसे-कैसे प्रभावित कर रहा है और इसका रास्ता क्या होगा इसकी जानकारी मौसम विभाग के एडीजी डॉक्टर देवेंद्र प्रधान ने मैप के जरिए पूरी स्थिति को समझाने की कोशिश की.
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  • समुद्री तूफान 'वायु'  के चलते गुजरात भर में एलर्ट जारी किया गया था खास करके सौराष्ट्र में जूनागढ़ , गिर, सोमनाथ, पोरबन्दर के समुद्र तटीय इलाकों में. हालांक‍ि ताजा हालातों के मुताब‍िक, समुद्री तूफान 'वायु' सौराष्ट्र के तटवर्ती क्षेत्रों से होकर न‍िकल रहा है.
     
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    समुद्री तूफान 'वायु' बुधवार शाम से तेज गति में होने का अनुमान लगाया गया था. इसके ल‍िए मांगरोल और मलिया के समृद्र तटीय लोगों को  सुबह से ही सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कवायद चलती रही. इसके ल‍िए 14 रेस्क्यू सेंटर बनाए गए और 25 स्कूलों को आश्रय स्थल बनाया गया था. यहां 600 लोगों को सुरक्ष‍ित स्थानों पर ले जाया गया.
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  • प्रशासन ने लोगों के ल‍िए मेड‍िकल टीम, फूड पैकेट और पानी की व्यवस्था कर रखी है. क‍िसी भी आपदा से न‍िपटने के ल‍िए एनडीआरएफ की तीन टीमें और आर्मी की एक टीम जूनागढ़ में स्टैंड बाई में रखी गई है
     
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    सूरत में समंदर के तटीय इलाकों में 100 क‍िलोमीटर प्रत‍ि घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं बुधवार शाम से चलना शुरू हो गई थीं. समुद्री बीचों पर बनी दुकानों के शेड तेज हवाओं में उड़ते नजर आ रहे थे. समंदर के पास रेत की नदी से बहती भी नजर आई थी.

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    बुधवार को वायु तूफान का असर वलसाड जिले के दरिया किनारे भी देखा गया. आकाश में घने-काले बादल छा जाने के बाद 30 किलोमीटर की रफ्तार से आई तेज हवाओं और ऊंची लहरों के साथ बारिश की संभावनाओं के चलते लोगों में तूफान की दहशत देखी गई. दरिया में लहरों का जोर बढ़ने के साथ ही प्रशासन हरकत में आ गया था. 

     
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    ब़ुधवार को वलसाड के तिथल समुद्र में 5 मीटर तक ऊंची लहरें देखी गई, जबकि तेज हवाओं के कारण यहां के स्टॉल्स तहस-नहस हो गए थे. वायु तूफान का असर 12 और 13 जून को रहने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बुधवार को तिथल बीच के तमाम स्टॉल्स बंद करा दिए गए. पर्यटकों को भी समुद्र किनारे से दूर रहने की चेतावनी दी गई. समुद्र किनारे पुलिस का भी बंदोबस्त तैनात किया गया. तूफान की संभावनाएं और तेज हवाओं के चलते वापी सहित वलसाड जिले में जनमानस अस्त-व्यस्त हो गया. हालांकि वापी में बारिश सामान्य ही हुई लेकिन फिर भी वापी शहर और जीआईडीसी इलाके की बिजली कई घंटों तक गुल रही. 

     
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    वायु तूफान की संभावनाएं और बुधवार को तेज रफ्तार की हवाओं के चलते संघ प्रदेश दमण प्रशासन ने अलर्ट घोषित करते हुए स्कूलों में अवकाश की घोषणा कर दी. दमण में अरबी समुद्र के तमाम बीचों पर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई. समुद्री की उफनती लहरों का मजा लेने आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान तैनात किए गए. पर्यटकों को समुद्र किनारे से दूर रहने का आगाह किया जा रहा है जबकि बीच पर लगे स्टॉल्स धारकों को भी कुछ दिनों के लिए स्टॉल्स बंद रखने की सलाह दी जा रही है.

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    वायु चक्रवात के रास्ते में हल्का परिवर्तन होने के बाद सूरत पर मंडरा रहा खतरा बुधवार शाम को ही टल गया था. हालांकि सावधानी के तौर पर डुमस, डभारी और सुवाली तटों पर लोगों के जाने पर रोक लगाई गई. एनडीआरएफ की टीम को ओलपाड में तैनात किया गया था. गहरे काले बादल छाने के साथ बुधवार को भी कई इलाकों में छुटपुट बारिश हुई. हालांकि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए समुद्री तटों पर रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की व्यवस्था प्रशासन ने कर ली है. 

 

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