चांदबाग इलाके में जब दंगों के बीच एक मंदिर की सुरक्षा दीवार बन गए मुस्लिम

मजार से सटे पुलिस बूथ को भी उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इसके 10 कदम की दूरी पर एक मंदिर को खरोंच तक नहीं आई.

नई दिल्ली. दिल्ली का नॉर्थ-ईस्ट इलाका पिछले कुछ दिनों से हिंसा की आग में जल रहा था, लेकिन इलाके के कुछ मुस्लिम परिवारों ने इंसानियत की मिसाल पेश की है. खजूरी खास और चांद बाग इलाके में मुस्लिमों ने दीवार बनकर एक मंदिर पर हमले को रोक दिया. बुधवार को जब न्यूज़ 18 हिंदी की टीम दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंची तो हमारा सबसे पहले सामना भजनपुरा चौराहे पर जली गाड़ियों, फूंके गए पेट्रोल पंप और आसपास तैरते खौफ से हुआ.

बीते 72 घंटों के दौरान यहां तबाही का तांडव हुआ था इसके निशान साफ देखे जा सकते हैं. यहां पर हमें इलाके के डीसीपी की एक गाड़ी भी जली मिली. भजनपुरा में इसी जगह उन्मादी भीड़ डीसीपी पर हमला किया था. हमें वो घर भी देखने को मिला जहां डीसीपी और उसके साथी ने किसी तरह पनाह लेकर अपनी जान बचाई थी.

यहां पर हमें आस-पास जो लोग मिले उनमें अभी घटना का खौफ साफ तौर पर देखा जा सकता था. घबराए लोग नजर आए जो अपनी गलियों के गेट के पीछे से हर आने-जाने वाले लोगों को उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे थे. खजूरी खास चौक पर पुलिस बूथ के नजदीक ही एक मजार को बुरी तरह जला दिया गया था. इस मजार पर चढ़ाने के लिए फूल चारों तरफ बिखरे हुए थे.

मजार से सटे पुलिस बूथ को भी उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इसके 10 कदम की दूरी पर एक मंदिर को खरोंच तक नहीं आई. मंदिर के आमने-सामने, अगल-बगल सभी घरों को दंगाइयों ने नुकसान पहुंचाया लेकिन, मंदिर को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचा. पास में ही एक फलों के जूस की दुकान भी नजर आई जो बयान कर रही है कि वहां दंगाइयों ने आखिर क्या किया होगा.

अगर हम मंदिर की लोकेशन की बात करें तो यह मंदिर भारी मुस्लिम आबादी वाला चांद बाग के ठीक सामने है. इस मंदिर के आसपास भी कई मुस्लिम परिवार रहते हैं. हमने उन लोगों से बात की तो उनकी बातें सुन कर आश्चर्यचकित होने से अपने आपको नहीं रोक सके. लोगों का कहना था कि इस तबाही ने सबको बेहद तकलीफ दी है.मंदिर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हमने दिन-रात पहरा देकर पूरी कोशिश की है कि कोई दंगाई इसे हाथ न लगाने पाए. अगर मंदिर को हाथ लगाया जाता है तो यकीन मानिए हम सबके लिए यह बेहद शर्मिंदगी की बात होती. हम हर वक्त मंदिर की सुरक्षा में लोग मौजूद थे. हमने मंदिर के पुजारी को वहां जाकर आश्वासन दिया कि आप सुरक्षित हैं हम आपके साथ हैं.

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