ड्रैगन ने कबूला गलवान घाटी का सच

15,16 जून की दरमियानी रात को गलवान घाटी में भारतीय सेना के पराकर्म के आगे चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी पस्त हो गई थी, इसका सबूत खुद ड्रैगन ने दे दिया है। दरअसल, चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स के एडिटर ने माना है कि गलवान घाटी में खूनी संघर्ष के दौरान चीन को नुकसान पहुंचा था और उसके भी कुछ जवानों की मौतें हुई थीं।  ग्लोबल टाइम्स के एडिटर ने न सिर्फ ट्वीट किया है, बल्कि अखबार में छापा भी है। अमेरिकी अखबार न्यूजवीक ने दावा किया था कि चीन के 60 सैनिकों की मौत हुई थी। राजनाथ सिंह के एक बयान के बाद चीन के मुखपत्र ने गलवान घाटी का सच उगल दिया और उसने माना है कि भारतीय सेना के शौर्य के आगे ड्रैगन की सेना बेदम साबित हुई थी। ग्लोबल टाइम्स के एडिटर हू के इस ट्वीट से चीन का वह सच सामने आ गया।

   जब गुरुवार को राज्यसभा में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गलवान घाटी में चीन को भारी नुकसान पहुंचा था तो चीन झल्ला गया और उसके मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के एडिटर ने ट्वीट कर संख्या बताने के चक्कर में अपना काला सच बता बैठा। ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में भी इस बात को छापा है।  15 जून को हुआ संघर्ष नाथू ला में 1967 में हुई झड़प के बाद सबसे बड़ा संघर्ष है, जिसमें 400 के लगभग चीनी सैनिक मरे थे जबकि भारत के 80 सैनिक शहीद हुए थे । इसके बाद 1975  में चीन की सेना के साथ हिंसक झड़प में चार भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे।  

 

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