चीन के जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़

झेन्‍हुआ डाटा इंफॉरमेशन टेक्‍नॉलजी कंपनी लिमिटेड के ग्राहकों में चीनी सेना और चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी शामिल है।  इस कंपनी के द्वारा दुनियाभर में 24 लाख अति‍महत्‍वपूर्ण लोगों के जासूसी का बड़ा खुलासा हुआ है। इन 24 लाख लोगों में 10 हजार लोग और संगठन भारत और करीब 35 हजार लोग ऑस्‍ट्रेलिया के थे। इनमें तीनों ही देशों की नामचीन हस्तियां शामिल हैं। भारत में राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी आदि शामिल हैं। सीडीएस बिपिन रावत और सेना, नौसेना और वायुसेना के कम से कम 15 पूर्व प्रमुखों पर की निगरानी भी ये कंपनी करती है। इसके अलावा भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद बोबडे  और जस्टिस एएम खानविलकर से लेकर लोकपाल जस्टिस पी सी घोष और कैग जीसी मुर्मू पर यह चीनी कंपनी नजर रखती है।

ज्‍यादातर सूचनाओं को ओपन सोर्स से लिया गया था लेकिन कुछ लोगों के बारे में जानकारी गुप्‍त बैंक रेकॉर्ड, जॉब आवेदन और मनोवैज्ञानिक प्रोफाइल से ली गई थी और वह 'हाइब्रिड वॉरफेयर' और मनोवैज्ञानिक युद्ध चलाने का दावा करते हैं। चीनी कंपनी के निशाने पर ब्रिटेन और ऑस्‍ट्रेलिया  के भी प्रधानमंत्री थे। इस जासूसी के दौरान लोगों की जन्‍मतिथि, पते, वैवाहिक स्थिति, फोटो, राजनीतिक जुड़ाव, रिश्‍तेदार और सोशल मीडिया आईडी शामिल है। यह चीनी कंपनी ट्विटर, फेसबुक, लिंकडिन, इंस्‍टाग्राम और टिकटॉक अकाउंट से सूचनाएं इकट्ठा कर रही थी।

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