लॉजिस्टिक्स पर 43 सौ करोड़ का निवेश करेगी सरकार

लाखों लोगों को मिलगा रोजगार, भरेंगे सपनों की उड़ान

पटना : वस्तुओं, सूचना, ऊर्जा एवं अन्य संसाधनों को उनके उत्पत्ति स्थान से लेकर उनके उपभोग के स्थान तक के प्रवाह (आवागमन) का प्रबन्धन करने वाली प्रणाली को संभार-तंत्र अर्थात लॉजिस्टिक्स कहते हैं। संभार तंत्र में सूचना यातायात इन्वेन्टरी गोदाम वस्तुओं की उतारना-चढ़ाना (हैडिलिंग उनकी पैकेजिंग करना एवं उनकी सुरक्षा) आदि सम्मिलित है। आधुनिक युद्ध कला का वह अंग भी संभार-तंत्र या लॉजिस्टिक्स कहलाता है जिसमें सेना के संचालन निवास आदि और सैनिको को उनकी आवश्यक सामग्री पहुँचाने की व्यवस्था होती है। विमान सेवा भी इसी का एक अंग है। सरकार की योजना लॉजिस्टक्स पर करीब 43 सौ करोड़ रुपए निवेश करने की है, ऐसे में स्वाभाविक है कि लाखों कुशल मानव शक्ति की आवश्यकता होगी। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां लॉजिस्टिक्स में प्रशिक्षित कार्मिकों की आवश्यकता पड़ती है और केवल वही रोजगार पा सकते हैं जिन्हें इसका पूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त हो।

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शिव रमन दुगल एमडी, आईसीआरआई, आईएलएएम ने कहा की भारत में तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स सेक्टर को आने वाले दिनों में एक करोड़ से ज्यादा लोगों की जरूरत होगी। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) की रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2022 तक इस क्षेत्र एक करोड़ 17 लाख अतिरिक्त कार्यबल की जरूरत होगी। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल 1674 मिलियन से अधिक कर्मचारियों वाले लॉजिस्टिक्स परिवहन भंडारण और पैकेजिंग क्षेत्र में साल 2022 आने तक कुल 284 मिलियन लोगों को रोजगार मिलेगा। शिव रमन दुगल ने कहा कि आईएलएएम में रोजगार अधारित पाठ्यक्रम है, वह भी विशेषज्ञ प्रशिक्षण के साथ। छात्रों को अनुभवी फैसिलिटी द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। उन्हें इन्टर्नशिप के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम के अलावा उद्योगों का भ्रमण कराकर वहां की कार्यप्रणाली की व्यवहारिक जानकारी दी जाती है। आईएलएएम ने लाखों युवाओं को अपने सपनों की उड़ान भरने के लिए पंख प्रदान किए हैं।

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