कोहली को ट्राफी उठाते देख गावस्कर के आंखों में आंसू आ गए

नई दिल्ली: टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रचते हुए 4 टेस्ट मैचों की सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लिया। सीरीज के साथ ही टीम इंडिया ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा बरकरार रखा। टीम इंडिया की इस जीत से क्रिकेट फैंस खुश हैं। पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कहा कि भारतीय टीम ने जब यह ट्रॉफी उठाई तो उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। गावस्कर को प्रेजेंटेशन सेरेमनी में मौजूद रहने का निमंत्रण नहीं मिला था। गावस्कर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टीम इंडिया की जीत ही काफी है। सिडनी में खेला गया चौथा और आखिरी टेस्ट पांचवें दिन बारिश के कारण ड्रॉ रहा। पहली पारी में 622 रन का विशाल स्कोर खड़ाकर और ऑस्ट्रेलिया को 300 रन पर समेटने के बाद भारत इस मैच में जीत की ओर बढ़ रहा था, लेकिन बारिश ने 3-1 से उसकी जीत पर पानी फेर दिया। गावस्कर ने कहा कि भारतीय टीम को ट्रॉफी उठाते देखकर मुझे गर्व हुआ। इस ऐतिहासिक पल को देखकर मेरी आंखों में आंसू आ गए। यह और भी शानदार होता अगर मैं वहां पर होता। क्योंकि यह पहली बार है जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में हराया। लेकिन यह देखना बहुत था, क्योंकि मेरी भावनाएं टीम के साथ थीं। उनको जीतते हुए और ट्रॉफी उठाते हुए देखना बेहद शानदार रहा। गावस्कर इससे पहले के बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के प्रेजेंटेशन सेरेमनी में मौजूद रहे थे।

सीरीज में 521 रन बनाने वाले चेतेश्वर पुजारा की सुनील गावस्कर ने जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि 2014-15 के दौरे पर मिली असफलता से उन्होंने सीख लेते हुए अपनी बल्लेबाजी में कुछ बदलाव किए जिसका परिणाम सबके सामने है। पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया की उछाल वाली पिचों पर बढ़ियां बल्लेबाजी की। जब आप उपमहाद्धीप में खेलते हैं तो आपकी शैली दूसरी होती है, क्योंकि वहां पर गेंद ज्यादा उछाल नहीं लेती है। लेकिन आप जब ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में होते हैं तो स्थितियां अलग होती हैं। पुजारा के धैर्य के बारे में सबको पता है. बता दें कि पुजारा ने सीरीज में 3 शतक जड़ते हुए 521 रन बनाए। उन्होंने चौथे टेस्ट में 193 रन की पारी खेली। इसके लिए उन्हें मैन ऑफ दे मैच का अवॉर्ड भी मिला और साथ ही वह मैन ऑफ द सीरीज अवॉर्ड से भी नवाजे गए।

 

Leave a comment