पांच एक्सप्रेस-वे, नए एयरपोर्ट, डिफेंस व इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बदलेंगे सूरत

प्रदेश सरकार ने मौजूदा बजट में पूर्व घोषित योजनाओं को रफ्तार दी है तो पिछले बजट में छूटे हिस्सों को नई सौगात देकर साधने की कोशिश की है। बजट में एक साथ पांच एक्सप्रेस-वे, दो औद्योगिक कॉरिडोर और दो बड़े एयरपोर्ट के साथ क्षेत्र स्तर पर हवाई पट्टियों के विस्तार की योजनाएं हैं। इसी तरह छह नए विश्वविद्यालयों व 21 राजकीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना प्रदेश में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में बड़ी भूमिका अदा करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि तीन वर्ष के भीतर घोषित इस तरह के प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को उछाल देने वाले व बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बढ़ाने वाले साबित होंगे।
बजट की तैयारियों से जुड़े एक अधिकारी बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने बड़े विजन के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं का खाका तैयार कराया है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पूरब के विकास को गति देगा तो पश्चिम को जोड़ने के लिए प्रयागराज से मेरठ तक गंगा एक्सप्रेस-वे इस बजट में पूरे फोकस के साथ लिया गया है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे व गाजीपुर-बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे पूर्वांचल में विकास की संभावनाएं बढ़ाएंगे तो बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे इस उपेक्षित क्षेत्र को रफ्तार देगा। औद्योगिक विकास की दृष्टि से पिछड़े पूर्वांचल व बुंदेलखंड क्षेत्र पर भी मुख्यमंत्री ने बराबर ध्यान दिया है। पूर्व के बजट में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण का एलान हुआ था। 

इस काम को हाथ में लेने का फायदा ये हुआ कि डिफेंस कॉरिडोर के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्रदेश सरकार को हाल ही में संपन्न डिफेंस एक्सपो में मिल चुके हैं। अब इसी तरह पूर्वांचल के लिए औद्योगीकरण की पहल करते हुए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की घोषणा कर दी गई है। 
यह पहला मौका है जब इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट पर इतना फोकस है। इसी तरह पूर्वांचल में कुशीनगर का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अपने अंतिम चरण में है तो पश्चिम में गौतमबुद्धनगर का जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अर्थव्यवस्था को बड़ी ताकत दे सकता है। मध्य यूपी में अयोध्या में श्रीराम एयरपोर्ट इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने का काम करेगा। इसके अलावा रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम से अलग-अलग क्षेत्र में हवाई सेवाएं शुरू करने की योजना है। एक्सप्रेस-वे व एयर-वे से जुड़े प्रोजेक्ट जैसे-जैसे पूरे होंगे, इनके नतीजे नजर आने लगेंगे। ये काम तय समय में पूरे हों, इसके लिए आवश्यक बजट की पूरी व्यवस्था की जा रही है। एक्सप्रेस-वे व दो इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए 5,921.92 करोड़ तथा नोएडा में जेवर एयरपोर्ट व अयोध्या में श्रीराम एयरपोर्ट के साथ क्षेत्रीय हवाई सेवाओं के लिए 2600 करोड़ की व्यवस्था की गई है। नई योजनाओं के अलावा फोकस प्राथमिकता वाली पुरानी योजनाओं में कन्या सुमंगला, शबरी संकल्प योजना, मातृ वंदना योजना के लिए भरपूर आवंटन दिया गया है। सरकार चार बजट के जरिए प्रदेश के हर हिस्से तक पहुंच गई है। 

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