नशे ने तोड़ी माता-पिता की उम्मीदें

श्रीनगर शहर के एक युवक को परिजनों ने इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने के बाद एमबीए करने देहरादून भेजा, लेकिन वह देहरादून जाकर स्मैक के नशे की गिरफ्त में आ गया। मजबूर अभिभावक उसे घर ले आए। उसे नशा मुक्ति केंद्र भेजा, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।

घर वालों ने जब नशा करने से रोका, तो मारपीट करने लगा। मामले में खास बात यह है कि तीन बहनों के बाद परिवार में बेटा हुआ, तो लाड़-प्यार में कोई रोक-टोक नहीं हुई। इसी खुली छूट ने युवा को गलत राह पर डाल दिया। आज नौबत यह है कि अभिभावकों ने उसे अपने संपत्ति से बेदखल कर दिया है। 

श्रीनगर में एक महिला सब्जी बेचकर अपना गुजारा करती थी। महिला के पुत्र और पोता नशे के आदी हो गए। पोते ने भांग पीने से नशे की शुरुआत की। आज वह नशे के लिए कुछ भी पी लेता है। नशे की वजह से उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ चुकी है। उसके ऊपर नशा इस कदर हावी है कि एक बार उसने नशे के लिए रुपये न मिलने पर दादी को कमरे के अंदर बंद करके आग लगा दी। पड़ोसियों के देखने पर महिला की जान बच पाई। 

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