इन चीजों को करें डाइट में शामिल, नहीं होगा कैंसर..

लखनऊ : कैंसर एक बहुत ही घातक बीमारी है। कैंसर 100 से भी ज्यादा प्रकार के होते हैं। कैंसर की बीमारी दुनियाभर के लोगों को तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। कैंसर का एक अहम कारण डाइट भी होता है, क्योंकि हमारी खानपान का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। हम अपको कुछ चीजें बता रहे हैं, जिन्हें अपनी डाइट में शामिल कर के आप कैंसर के खतरे को कम कर सकेंगे।

सेब- सभी जानते हैं कि सेब कई बीमारियों से सुरक्षित रखने में बहुत लाभकारी होता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लामेट्री गुण कैंसर के खतरे को कम करते हैं, खासकर कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को। कई लोग सेब का छिल्का उतारकर खाते हैं। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं तो अपनी आदत बदल लें, क्योंकि सेब के छिल्का न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है। कोलोरेक्टल कैंसर के अलावा सेब फेफड़ों, ब्रेस्ट और पेट के कैंसर से भी बचाव करता है।

ब्लू- बैरीज- ब्लू बैरीज में कई फाइटोकेमिकल, एलेजिक एसिड, यूरोलिथिन और एंथोसायनिन पाए जाते हैं। ये सभी DNA को शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स से डैमेज होने से सुरक्षित रखते हैं, जिससे कैंसर का खतरा कम हो जाता है। ब्लू बैरीज के सेवन से मुंह, ब्रेस्ट, कोलोन और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है।

ग्रीन टी- प्राचीन समय में चाय का सेवन दवाई को तौर पर किया जाता था। ग्रीन और ब्लैक टी में पॉलीफेनॉल, फ्लेवोनॉयड और कई एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। स्टडी के मुताबिक, ग्रीन टी के सेवन से शरीर में कोलोन, लिवर, ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर की कोशिकाएं बन नहीं पाती हैं। वहीं कई दूसरी स्टडी में बताया गया है कि ग्रीन टी फेफड़ों, स्किन और पेट के कैंसर से भी सुरक्षित रखता है।

अखरोट- अखरोट में गामा-टोकोफेरोल, अल्फा-लिनोलेनिक एसिड, फाइटोस्टेरॉल, मेलाटोनिन आदि मौजूद होते हैं। लेबोरेटरी स्टडी के मुताबिक, अखरोट खाने से ब्रेस्ट, कोलोन और प्रोस्टेट कैंसर से सुरक्षित रहा जा सकता है। इसके साथ ही रोजाना अखरोट के सेवन से DNA को नुकसान नहीं पहुंचता है।

क्रैनबेरिज- इसमें फाइबर, विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में कई तरह के कैंसर की ग्रोथ कम होती है।

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