नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किया. बिल के मुताबिक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बंग्लादेश में उत्पीड़न के कारण वहां से भागकर आए हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्मावलंबियों को नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के तहत भारत की नागरिकता प्रदान की जाएगी. इस विधेयक का विपक्ष ने पहले ही विरोध किया है. वहीं कांग्रेस ने इसे असंवैधानिक करार दिया है. विधेयक में मुस्लिम को छोड़ देने को लेकर अल्पसंख्यक गुटों ने भी इसका विरोध किया है. बता दें कि सड़क से संसद तक इस बिल का विरोध हो रहा है. लेकिन मोदी सरकार ने इसपर आगे बढ़ने की ठानी है. लोकसभा में बिल पेश करने पर ही संसद में हंगामा शुरू हो गया. कांग्रेस, टीएमसी समेत कुछ विपक्षी पार्टियों ने इस बिल का विरोध किया. कांग्रेस का कहना है कि इस बिल का पेश होना ही संविधान के खिलाफ है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस बिल के पेश होने से संविधान के आर्टिकल 14 का उल्लंघन किया गया है. लेकिन गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल पर हर सवाल का जवाब दूंगा. नागरिकता संशोधन बिल देश के अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं साथ ही उन्होंने कहा कि जब बिल पर चर्चा हो तो विपक्ष वॉक आउट न करें.

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