गोगरा इलाके से भी पीछे हटे चीनी सैनिक, तनाव कम करने की कवायद

 पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैनिकों को आमने-सामने के टकराव की स्थिति से हटाने का सिलसिला जारी रखते हुए चीन ने गुरवार को गोगरा इलाके से भी अपने सैनिकों को पीछे हटा लिया। गलवन घाटी और हॉट स्पि्रंग इलाके से चीनी सैनिक अपने टेंटों और साजो-सामान के साथ पूरी तरह निकल कर करीब दो किलोमीटर पीछे जा चुके हैं। पहले चरण की प्रक्रिया में हुई प्रगति के मद्देनजर एलएसी पर तनाव घटाने को लेकर भारत और चीन के कोर कमांडरों की अगले हफ्ते बातचीत होगी।

कोर कमांडरों के चौथे दौर की प्रस्तावित बैठक में अब तक सैनिकों के पीछे लौटने और दोनों तरफ बने बफर जोन की समीक्षा के साथ दूसरे इलाकों से सेनाओं को हटाने की प्रक्रिया पर चर्चा होगी। अभी पैंगोंग त्सो लेक क्षेत्र के फिंगर फोर और डेपसांग के वाई जंक्शन से चीनी सैनिकों के पीछे हटने का मुद्दा भारत के लिए अहम है। फिंगर चार से फिंगर आठ के इलाके में भारत शुरू से पैट्रोलिंग करता रहा है। यहां चीनी सैनिकों की मौजूदगी पर भारत को एतराज है। हालांकि सूत्रों ने बताया कि पैंगोंग त्सो इलाके से चीन अपने सैनिकों की संख्या में कमी करता दिख रहा है। पहले चरण की प्रक्रिया का जमीनी परीक्षण अगले दो--तीन दिनों में दोनों देशों के सैन्य कमांडर संयुक्त रूप से करेंगे।

उम्मीद है कि शुक्रवार को गोगरा इलाके के पैट्रोलिंग प्वाइंट 17--ए से भी चीनी सैनिक पीछे हट जाएंगे। इसके साथ ही सैनिकों को पीछे हटाने के पहले चरण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो जाएगी। इसके बावजूद भारतीय सेना एलएसी के सभी अग्रिम मोर्चो पर अब भी हाई अलर्ट पर ही है। सूत्रों ने कहा कि चीन जब तक अपने अग्रिम इलाकों में सैनिकों की संख्या में किए गए भारी इजाफे और हथियारों व साजो--सामान में कमी नहीं लाता तब तक भारतीय सेना अपने आक्रामक तेवर में नरमी नहीं लाएगी।

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