GVK ग्रुप के चेयरमैन और उनके बेटे पर केस दर्ज, 705 करोड़ के हेरफेर का है

जीवीके ग्रुप के चेयरमैन जी वेंकट कृष्णा (जीवीके) रेड्डी और उनके बेटे जीवी संजय रेड्डी की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दरअसल, 705 करोड़ रुपये के हेरफेर के मामले में इन दोनों पर सीबीआई ने केस दर्ज की है. इसके अलावा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के कुछ अधिकारियों पर भी केस दर्ज किया गया है.

क्या है मामला

दरअसल, जीवीके एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और कुछ विदेशी कंपनियों ने जॉइंट वेंचर में मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) नाम से कंपनी बनाई गई थी. 4 अप्रैल, 2006 को AAI ने MIAL के साथ मुंबई हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण, रखरखाव और संचालन के लिए एमआईएएल के साथ समझौता किया.

सरप्लस फंड का गलत इस्तेमाल

आरोप है कि 2012 से 2018 के बीच मुंबई एयरपोर्ट के डेवलपमेंट के नाम पर सरप्लस फंड के पैसे का गलत इस्तेमाल किया गया. जीवीके ग्रुप ने MIAL के सरप्लस फंड में से 395 करोड़ रुपये अपनी दूसरी कंपनियों में लगाए. इतना ही नहीं, MIAL के मुंबई में होने के बावजूद इसके सरप्लस फंड के पैसों को हैदराबाद के बैंकों में रखा गया.

केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने ये भी आरोप लगाया है कि जीवीके ग्रुप ने अपने मुख्यालय और समूह की कंपनियों के कर्मचारियों को भुगतान दिखाते हुए MIAL के खर्च के आंकड़ों को बढ़ाया, जो MIAL के संचालन में शामिल नहीं थे, जिससे AAI को राजस्व हानि हुई.

MIAL में किसकी हिस्सेदारी

आपको बता दें कि साल 2006 में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) के बीच एक डील हुई थी. इस डील में कहा गया था कि मुंबई एयरपोर्ट को MIAL चलाएगी और सालाना रेवेन्यू का 38.7 फीसदी AAI को फीस के तौर पर देगी. MIAL में 50.5 फीसदी शेयर जीवीके ग्रुप के पास और 26 फीसदी AAI के पास हैं.

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