बेन स्टोक्स पहली बार कर रहे कप्तानी, सचिन ने क्या कहा उनके बारे में?

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को कोई संदेह नहीं है कि अपनी ‘नियंत्रित आक्रामकता’ के साथ बेन स्टोक्स वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में आगे बढ़कर अगुवाई करेंगे. बुधवार से साउथेम्पटन में शुरू हो रही तीन टेस्ट की सीरीज को लेकर अपना नजरिया पेश करते हुए तेंदुलकर आनलाइन ऐप ‘100एबी’ पर वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा के साथ बात कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने इंग्लैंड के कार्यवाहक कप्तान बेन स्टोक्स को लेकर भी अपना नजरिया रखा.

इस सीरीज के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी होगी. स्टोक्स से जुड़े लारा के सवाल पर तेंदुलकर ने कहा, ‘वह ऐसे खिलाड़ी हैं, जो आगे बढ़कर अगुवाई करेंगे, हमने कई मौकों पर ऐसा देखा है. वह आक्रामक, सकारात्मक और जब उन्हें रक्षात्मक होने की जरूरत होती है, तो वह टीम के लिए ऐसा करने के लिए तैयार रहते हैं.

उन्होंने कहा, ‘मेरा हमेशा से मानना रहा है कि नियंत्रित आक्रामकता से नतीजे मिलते हैं और अब तक मैंने जो देखा है, वह आक्रामक हैं, लेकिन यह नियंत्रित है. मैं बेन स्टोक्स के बारे में यही सोचता हूं.’ बेन स्टोक्स पहली बार इंग्लैंड की अगुवाई कर रहे हैं, जबकि अपने करियर में उन्होंने कभी प्रथम श्रेणी टीम की कप्तानी भी नहीं की है.

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नियमित कप्तान जो रूट ने अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण पहले टेस्ट से बाहर रहने का फैसला किया है. तेंदुलकर ने कहा, ‘बेन स्टोक्स को अतीत में जिन चीजों का सामना करना पड़ा और आज वह जहां हैं उसे देखकर मैं यही कह सकता हूं कि वह पूरी तरह बदलाव लेकर आए हैं और यह उसी के साथ हो सकता है जो मानसिक रूप से मजबूत हो.’

सचिन ने कहा, ‘मुझे लगता है कि वह उन खिलाड़ियों में शामिल है, जिनके बारे में समय आने पर आप कहोगे कि बेन स्टोक्स, एंड्रयू फ्लिंटॉफ, इयान बॉथम शीर्ष ऑलराउंडर थे जो इंग्लैंड के लिए खेले. मैं उन्हें काफी ऊपर आंकता हूं और मैदान पर उनका प्रभाव काफी अधिक है.’

लारा ने कहा कि इंग्लैंड के तेज गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी महत्वपूर्ण होगी. उन्होंने शाई होप जैसे बल्लेबाजों को याद दिलाया कि वे सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में तेंदुलकर की 241 रनों की यादगार पारी से सबक लें. लारा ने कहा, ‘आपको प्रत्येक गेंदबाज पर दबदबा बनाने की जरूरत नहीं है. अगर आप 70-80 रन बनाकर खेल रहे हैं और कोई आपको परेशान कर रहा है तो पीछे हट जाइए.’

अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी रहे तेंदुलकर से लारा ने कहा, ‘सचिन आप भी यह जानते हैं, आपने सिडनी में शानदार पारी खेली थी, ऐसा नहीं था कि कोई एक गेंदबाज आपको आउट कर रहा था. लेकिन एक विशेष तरह का शॉट खेलकर आप आउट हो रहे थे और आपने इस शॉट को खेलना ही बंद कर दिया और आप अन्य क्षेत्रों में रन बनाने में सफल रहे. इसी तरह का रवैया अपनाने की जरूरत है.’

इंग्लैंड में कुछ शानदार पारियां खेलने वाले लारा ने वहां बल्लेबाजी के अपने रवैये को याद करते हुए कहा, ‘मुझे कई पारियां याद हैं, चंद्रपॉल या जिमी एडम्स के साथ. ये साझेदारियां मुझे वहां ले जाने के लिए काफी महत्वपूर्ण थीं, जहां मैं पहुंचा. इससे टीम जरूरी रन बनाने में सफल रही.’

लारा ने महान गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा के साथ अपने द्वंद्व को याद किया और इसे उदाहरण के रूप में पेश किया, जिससे मौजूदा टीम की मदद हो सके. उन्होंने कहा, ‘एक बहुत अच्छा उदाहरण ऑस्ट्रेलिया है, हम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेल रहे थे और मैं 78 या शायद 114 रन बनाकर खेल रहा था और मैक्ग्रा स्पेल के लिए वापस आए.’

लारा ने कहा, ‘मुझे पता था कि वह छह या सात ओवर फेंकेंगे. इसलिए अगर मुझे दूसरे छोर से अन्य गेंदबाज रन बनाने का मौका दे रहे हैं तो मुझे अधिक जोखिम उठाने की जरूरत नहीं है.’

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