56 मिनट पहले चंद्रयान-2 में नजर आई तकनीकी खामी, टाली गई लॉन्चिंग

श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सोमवार को 2.51 बजे चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण होना था जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकीं थीं.

56 मिनट पहले चंद्रयान-2 में नजर आई तकनीकी खामी, टाली गई  लॉन्चिंग
 

चंद्रयान-2 को जीएसएलवी मार्क-।।।-एम-1 रॉकेट के जरिए चांद पर ले जाया जाना था.

खास बातें

  1. इसरो ने टाली चंद्रयान 2 की लॉन्चिंग
  2. 56 मिनट पहले नजर आई तकनीकी खामी
  3. नई तारीख का जल्द होगा ऐलान

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने  सोमवार तड़के होने वाले चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण को तकनीकी खामी की वजह से टाल दिया. काउंटडाउन खत्म होने से 56 मिनट 24 सेंकेड पहले ही इसमें कोई तकनीकी खामी नजर आई, जिसके बाद ये निर्णय लिया गया. अब इसके लिए नई तारीख का ऐलान किया जाएगा. इसरो ने इस बात की जानकारी देते हुए ट्वीट किया, ‘प्रक्षेपण यान प्रणाली में टी-56 मिनट पर तकनीकी खामी दिखी. एहतियात के तौर पर चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण आज के लिए टाल दिया गया है. नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी.'

अंतरिक्ष एजेंसी ने इससे पहले प्रक्षेपण की तारीख जनवरी के पहले सप्ताह में रखी थी, लेकिन बाद में इसे बदलकर 15 जुलाई कर दिया था. इसरो के प्रमुख के सिवन ने लॉन्च से पहले एनडीटीवी से कहा था कि अगर आज इसे टाल दिया जाता है तो कल इसे दोबारा भेजने का विकल्प है लेकिन लॉन्च विंडो को कई तकनीकी मानदंडों को पूरा करना पड़ता है इसलिए नई तारीख के लिए हफ्ते या महीने भी लग सकते हैं.

चंद्रयान-2 को जीएसएलवी मार्क-।।।-एम-1 रॉकेट के जरिए चांद के दक्षिणी ध्रुव पर ले जाया जाना था.  श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सोमवार को 2.51 बजे चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण होना था जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकीं थीं. इस 3,850 किलोग्राम वजनी अंतरिक्ष यान को अपने साथ एक ऑर्बिटर, एक लैंडर और एक रोवर लेकर जाना था. हालांकि चंद्रयान-2 की रवानगी के लिए हो रही उल्टी गिनती प्रक्षेपण से 56 मिनट 54 सेकंड पहले रोक दी गई. 

 

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अब तक के सबसे शक्तिशाली प्रक्षेपण यान जीएसएलवी मार्क-।।।-एम-1 रॉकेट के साथ 978 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण होने की स्थिति में इसे चंद्रमा तक पहुंचने में 54 दिन लगते. पिछले हफ्ते प्रक्षेपण संबंधी पूर्ण अभ्यास के बाद रविवार सुबह 6.51 बजे इसके प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू हुई थी. कई वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने कहा है कि प्रक्षेपण टलने से थोड़ी निराशा जरूर हुई है, लेकिन समय रहते तकनीकी खामी का पता चल जाना एक अच्छी बात है. उन्होंने प्रक्षेपण की नई तारीख की जल्द घोषणा होने की उम्मीद भी व्यक्त की है.

 

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