शाहीन बाग प्रदर्शन के 50 दिन पूरे: दुकानें बंद होने से धंधा चौपट

दिल्ली के शाहीन बाग में एनआरसी और सीएए के खिलाफ जारी प्रदर्शन को रविवार को 50 दिन पूरे हो गए है। शाहीनबाग में जारी प्रदर्शन की वजह से स्थानीय दुकानदारों का व्यापार चौपट हो गया है। आलम यह है कि प्रदर्शन की वजह से स्थानीय दुकानदार पिछले 50 दिनों से अपनी दुकान का शटर तक नहीं खोल पाए हैं। एक स्थानीय दुकानदार नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताते हैं कि शाहीनबाग क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित ब्रांडों के शोरूम हैं, जिनमें ठंड के सीजन का समान बहुतायत में रखा हुआ था, लेकिन आचनक से शुरू हुए इस प्रदर्शन की वजह से कई दुकानदार पिछले 50 दिनों से अपनी दुकान का शटर तक नहीं खोल पाए हैं। 50 दिनों का व्यापार घाटा तो हो ही रहा है, वहीं जो समान दुकान के अंदर हैं, वह भी खराब हो रहा है।

सीएए के खिलाफ शाहीनबाग में पिछले 50 दिनों से प्रदर्शन जारी है। बीच सड़क पर हो रहे इस प्रदर्शन की वजह से दिल्ली से नोएडा को जोड़ता कालिंदी कुंज मार्ग पिछले 50 दिनों से बंद पड़ा हुआ है। इस वजह से दक्षिणी दिल्ली की नोएडा से दूरी बढ़ गई है। रोज लोगों को घंटों जाम में फंसा पड़ता है। पहले भी स्थानीय लोगों ने इसे लेकर पुलिस को अल्टीमेटम दिया था। वे कालिंदीकुंज मार्ग को खुलवाने के लिए प्रदर्शन भी  कर चुके हैं। स्थानीय लोगों ने कई दिन पहले ही दो फरवरी को प्रदर्शन करने की घोषणा कर दी थी। इसके लिए सोशल मीडिया पर अभियान भी चलाया गया। रविवार सुबह बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जसोला लालबत्ती पर एकत्र हुए। वे शाहीनबाग धरनास्थल की तरफ जाना चाहते थे। मौके पर पहले से ही भारी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बल तैनात था। उन्होंने लोगों को शाहीनबाग जाने से रोका। 

पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने संभाला मोर्चा
रविवार को दोनों तरफ से जारी प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना ना हो इसके लिए पुलिस व अर्धसैनिक बलों ने मोर्चा संभाला। जिसके तहत सड़क खाली करवाने को लेकर शुरू हुए प्रदर्शनस्थल पर पुलिस बल की तैनाती रही, तो बीच में अर्धसैनिक बलों ने मोर्चा संभाले रखा। इस संबंध में जसोला की रहने वाली रेखा देवी ने कहा, ''हम चाहते हैं कि सड़क खाली हो। वे सीएए के खिलाफ पिछले 50 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। इससे हम लोगों को दिक्कत होती है। हमारे बच्चे स्कूल जाने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि सड़कें बाधित हैं।  जसोला के ही रहने वाले राकेश ने बताया कि इस प्रदर्शन की वजह से पिछले 50 दिनों में दक्षिणी दिल्ली से नोएडा की दूरी बढ़ गई है। यहां के लोगों को जाम में फंस कर तकरीबन 20 किमी तक घूम कर नोएडा जाना पड़ रहा है। कई तरह के नुकसान हो रहे हैँ। वह प्रदर्शन जारी रखें, लेकिन सड़क खाली करें।

प्रदर्शनकारियों की प्रतिक्रिया
प्रदर्शनकारी कहकशां ने कहा कि पिछले 50 दिनों से जारी प्रदर्शन में मुझ जैसी कई महिलाओं से अपनी सेहत खोई है। इस आंदोलन की वजह से सबकी दिनचर्या पूरी तरह से बदल गई है। हम अपने परिवार को ठीक से समय तक नहीं दे पा रहे हैं। लोग इसे हिंदु-मुस्लिम की लड़ाई बता रहे हैं, लेकिन हमारी एक ही मांग है कि सीएए को वापस लिया जाए, जब तक सीएए वापस नहीं होता है, तब तक हम यहीं डटे रहेंगे।

प्रदर्शनकारी शाहीन कौसर ने कहा कि 50 दिनों से जारी इस प्रदर्शन से अभी तक कुछ भी नहीं मिला है। सिर्फ सरकार ने शुक्रवार को संवाद करने का एक आश्वासन दिया है, लेकिन हमें उम्मीद है कि शाहीनबाग की महिलाओं की आवाज एक दिन सरकार जरूर सुनेगी। प्रदर्शनकारी सना सिद्दकी ने कहा कि अभी तक जारी प्रदर्शन से कुछ नहीं मिला है, लेकिन उम्मीद है कि सरकार हमारी बात सुनेग और यह काला कानून पस होगा। सभी महिलाएं पहले की तरफ रहना चाहती हैँ।

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