संसद के न चलने से ये महत्वपूर्ण विधेयक नही हो सके पारित, जानिये कितना नुकसान हुआ देश को

अच्युत द्विवेदी

संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा भी हंगामे की भेंट चढ़ गया. जिसके बाद लोकसभा की कार्रवाई अनिश्चित काल तक के लिए स्थगित कर दी गई. लगातार  हंगामे की भेंट चढ़ने के कारण सदन की कार्रवाई में सूचीबद्ध 12 महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा भी नही शुरू हो पायी है. स्वास्थ्य, शिक्षा, कारोबार एवं बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े इन विधेयकों को सदन में पुन:स्थापित, चर्चा एवं पारित किये जाने के लिये लगातार सूचीबद्ध किया जा रहा था.

आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने, कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन, पीएनबी धोखाधड़ी समेत अलग अलग विषयों पर विभिन्न दलों के हंगामे के कारण पिछले 22 दिनों से निचले सदन की कार्यवाही नहीं चल पायी. इस दौरान बजट और उससे संबंधित वित्त विधेयक और विनियोग विधेयक भी सदन में हंगामे के बीच ही पारित कराये गये. बजट सत्र के दूसरे हिस्से में लोकसभा की उत्पादकता 4 प्रतिशत रही जबकि राज्यसभा की उत्पादकता 8 प्रतिशत रही. 

इन विधेयकों को सदन में पेश होना था:

  1. व्यक्तियों का दुर्व्यापार निवारण 
  2. संरक्षण और पुनर्वास विधेयक 2018
  3. वाणिज्यिक न्यायालय, उच्च न्यायालय, वाणिज्यिक प्रभाग और वाणिज्यिक अपील प्रभाग संशोधन विधेयक 2018
  4. मध्यस्थ एवं सुलह संशोधन विधेयक 2018
  5. भगोड़ा आर्थिक अपराध विधेयक
  6. राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद संशोधन विधेयक
  7. राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग विधेयक
  8. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम संशोधन विधेयक 2018
  9. अविनियमित निक्षेप योजना पाबंदी विधेयक 2018
  10. भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण संशोधन विधेयक 2018 
  11. चिट फंड संशोधन विधेयक, 
  12. उपभोक्ता संरक्षण विधेयक 2018
साल 2018 में सम्पूर्ण बजट सत्र के दौरान लोकसभा की उत्पादकता 23 प्रतिशत और राज्यसभा की उत्पादकता 28 प्रतिशत रही. सत्र के दौरान पांच विधेयक पुन:स्थापित किये गए और लोकसभा में पांच विधेयक और राज्यसभा में एक विधेयक पारित हुए

ये 12 विधेयक चढ़े हंगामे की भेंट:

1-अविनियमित निक्षेप योजना पाबंदी विधेयक 2018

अविनियमित निक्षेप योजना पाबंदी विधेयक 2018 में बिना नियमन वाली धनजमा योजनाओं पर पाबंदी के लिये एक व्यापक तंत्र का उपबंध करने के लिये, संग्रहकर्ताओं के हितों की संरक्षा के लिये तथा उससे संबंधित एवं उससे जुड़े विषयों का उपबंध करने का प्रस्ताव किया गया है. 

2-सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास संशोधन विधेयक 2018

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास संशोधन विधेयक 2018 को इससे पूर्व में रखे गए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास संशोधन विधेयक 2015 को वापस लेकर पुन:स्थापित किये जाने की अनुमति के लिये सूचीबद्ध किया गया था.

3-भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण संशोधन विधेयक 2018

भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण संशोधन विधेयक 2018 में भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण अधिनियम 2008 का संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है. वाणिज्यिक न्यायालय, उच्च न्यायालय, वाणिज्यिक प्रभाग और वाणिज्यिक अपील प्रभाग संशोधन विधेयक 2018 में वाणिज्यिक न्यायालय, उच्च न्यायालय वाणिज्यिक प्रभाग और वाणिज्यिक अपील प्रभाग अधिनियम 2015 का संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है. 

4-दुर्व्यापार निवारण, संरक्षण और पुनर्वास विधेयक 2018 

व्यक्तियों का दुर्व्यापार निवारण, संरक्षण और पुनर्वास विधेयक 2018 में व्यक्तियों विशेषकर महिलाओं और बालकों के दुर्व्यापार के निवारण के लिये और दुर्व्यापार के पीड़ितों की देखरेख, संरक्षण और पुनर्वास की व्यवस्था, अपराधियों के अभियोजन, पीड़ितों के लिये विधिक, आर्थिक और सामजिक वातावरण सृजित करने की व्यवस्था का प्रस्ताव किया गया है.

5-भगोड़ा आर्थिक अपराध विधेयक 2018

मध्यस्थ और सुलह संशोधन विधेयक 2018 में मध्यस्थ और सुलह अधिनियम 1996 में और संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है. लोकसभा में पेश भगोड़ा आर्थिक अपराध विधेयक, 2018 में आर्थिक अपराध से संबंधित दंडनीय कार्रवाई प्रारंभ होने की संभावना या इनसे जुड़ी कार्यवाहियों के लंबित रहने के दौरान आरोपियों के देश छोड़कर चले जाने की समस्या का समाधान निकालने का खाका तैयार किया गया है.
 
आपको बता दें कि इस विधेयक में भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित होने पर विशेष अदालत द्वारा उस व्यक्ति की भारत में या भारत के बाहर कोई संपत्ति जब्त करने का आदेश देने का प्रावधान है. इसमें उसकी बेनामी संपत्ति भी शामिल है. यह विधेयक विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे कारोबारियों द्वारा बैंकों का अरबों रुपये का कर्ज नहीं लौटाने और देश से बाहर चले जाने की पृष्ठभूमि में लाया गया है। 

6-चिट फंड (संशोधन) विधेयक 2018

लोकसभा की कार्यसूची में चिट फंड (संशोधन) विधेयक, 2018 के जरिए 1982 के चिट फंड अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव किया गया. कुछ चिटफंड कंपनियों द्वारा लोगों से धोखाधड़ी करने का मामला सामने आने के मद्देनजर इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

7-राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग विधेयक 2017 

निचले सदन में आज की कार्यसूची में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग विधेयक 2017 विचार एवं पारित किये जाने के लिये सूचीबद्ध था. इस विधेयक में देश में चिकित्सा शिक्षा को गुणवत्तापरक बनाने और चिकित्सा सेवाओं के सभी पहलुओं में उच्च मानकों को बनाये रखने के उद्देश्य से भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (एमसीआई) की जगह राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के गठन का प्रस्ताव किया गया है.

8-राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद संशोधन विधेयक 2017

लोकसभा की कार्यसूची में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद संशोधन विधेयक 2017 भी चर्चा एवं पारित करने के लिये सूचीबद्ध था लेकिन हंगामे के कारण कार्यवाही स्थागित होने की वजह से इसे नहीं लिया जा सका. इसके माध्यम से राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद अधिनियम 1993 में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है.

9-उपभोक्ता संरक्षण विधेयक 2018

उपभोक्ता संरक्षण विधेयक 2018 में उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण करने के साथ उपभोक्ता विवादों का समय से और प्रभावी प्रशासन एवं परिनिर्धारण की व्यवस्था का प्रस्ताव किया गया है.

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