बंगाल में राष्ट्रपति शासन को लेकर भाजपा में एकराय नहीं

पश्चिम बंगाल में जारी सियासी हिंसा की वजह से राज्य सरकार की स्थिरता पर संकट के बादल छा गए हैं. भाजपा की प्रदेश इकाई तथा केंद्र के कुछ बड़े पार्टी नेता राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की वकालत कर रहे हैं लेकिन इसको लेकर पार्टी में एक राय नहीं बन रही है. राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने बंगाल में कानून-व्यवस्था के मसले पर पिछले दिनों पीएम से बात की थी. इसके बाद वह गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मिले और राज्य की स्थिति के बारे में जानकारी दी. इसी दिन भाजपा महासचिव और बंगाल भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की वकालत की.

बीते मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह खुद राष्ट्रपति से मिले. उन्होंने बंगाल को लेकर भी चर्चा की. इसके बाद फिर एक बार राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की चर्चा ने जोर पकड़ा.

भाजपा सूत्रों का कहना है कि गुरुवार को पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश अध्यक्षों और राज्यों के प्रभारियों के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की बैठक में भी बंगाल में राष्ट्रपति शासन को लेकर चर्चा हुई जिसमें कुछ नेताओं ने यह राय व्यक्त की कि राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए. हालांकि बैठक में ही कुछ वरिष्ठ नेताओं ने यह राय रखी कि जल्दबाजी में फैसला लेना ठीक नहीं है प्राथमिक कोशिश हिंसा की घटनाओं को रोकना चाहिए. राष्ट्रपति शासन लगाने से भाजपा को सियासी नुकसान हो सकता है. 

बैठक में यह बात भी आई कि एक लंबे अरसे के बाद राज्य में भाजपा को लेकर लोगों ने सकारात्मक रुख अपनाया है और लोकसभा में पार्टी 18 सीट जीतने में सफल रही है. ऐसे में लोगों के बीच यह संकेत जाना जरूरी है कि भाजपा, बदले की भावना से कार्यवाई नहीं करती है और भाजपा गंभीर पार्टी है. 

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि वैसे भी मूल रूप से भाजपा इस पक्ष में नहीं रहती है कि किसी भी चुनी हुई सरकार को बर्खास्त कर दिया जाए. जब भी केंद्र में भाजपा का शासन रहा है कि किसी भी पार्टी की सरकार को किसी भी राज्य में बरखास्त नहीं किया गया है. भाजपा का यह रिकार्ड रहा है कि वह चुनाव के जरिए सरकार परिवर्तन करती रही है न कि सरकार गिरा कर. हालांकि, यह बात भी अंत में रखी गई कि यदि हालात बेकाबू हो गए तो फिर केंद्र सरकार के पास बंगाल सरकार को बर्खास्त करने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं बचता है, लेकिन फिलहाल हालात ऐसे नहीं हैं इसलिए राज्य में स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश शुरू कर दी जाए. राज्यपाल ने इसी पर चर्चा के लिए राज्य में सर्वदलीय बैठक बुलाई है.

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