4 राशियों पर कर्ज-बीमारियों का संकट

राहुकाल एक बार किसी के सिर पर बैठ जाए तो उस व्यक्ति का जीवन दुखों से भर देता है. 2020 की शुरुआत से लेकर 23 सितंबर 2020 मिथुन राशि में रहेगा. 23 सितंबर 2020 सुबह 7.38 मिनट पर राहु की चाल बदलेगी. इस दौरान राहु मिथुन से वृषभ राशि में प्रवेश करेगा. आइए जानते हैं 2020 में राहु के इस गोचर से सभी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा.मेष-
मेष राशि के जातकों के लिए 2020 में होने वाला राहु का गोचर शुभ संकेत ला सकता है. वैवाहिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा. रुका हुआ धन वापिस आने के भी योग बन रहे हैं.

वृष-
वृष राशि के लोगों को यह गोचर आर्थिक तंगी की ओर धकेल सकता है. परिजनों की सेहत पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है. पारिवारिक स्थित भी डामाडोल हो सकती है. किसी भी विवाद में पड़ने से बचना बेहतर होगा.

मिथुन-
मिथुन राशि के जातकों के लिए राहु का यह गोचर सेहत के लिहाज से अच्छा नहीं होगा. मानसिक अवसाद आपको घेर सकता है. बीमारी या दूसरी वजहों से खर्चों में भी वृद्धि होगी.

कर्क -
अगर विदेश घूमने या नौकरी करने के बारे में सोच रहे हैं तो इस मामले में यह गोचर आपको लाभ दे सकता है. हालांकि खर्चा ज्यादा होने के भी योग हैं. रुका हुआ धन वापस मिल सकता है.

सिंह-
सिंह राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर शुभ परिणामकारी रहेगा. इसके प्रभाव से आपकी आमदनी में इजाफा होगा. सेहत भी ठीक रहने के योग बन रहे हैं.

तुला-
इस वर्ष आपको भाग्य की बजाय अपनी मेहनत पर ही भरोसा करना होगा. क्योंकि राहु की पैनी दृष्टि आपके किस्मत के सितारों को कमजोर करेगी. नौकरी की तलाश में जुटे लोगों को 2020 में शुभ समाचार मिल सकते हैं.

कन्या-
इस गोचर के बाद आपको कार्यक्षेत्र में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में बनते काम बिगड़ सकते हैं. अध्यात्म के क्षेत्र में रुचि बढ़ेगी. कर्ज और बीमारियां इस राशि का आसानी से साथ नहीं छोड़ेंगे.

वृश्चिक-
यदि आप किसी शोध के कार्य में लगे हैं तो राहु का गोचर आपको उसमें सफलता दिलाएगा. परिवार में भी सुख-शांति बनी रहेगी. वाहन चलाते समय सावधानी बरतें.

धनु-
व्यापार में कदम जमाने वालों के लिए यह समय बिल्कुल अच्छा नहीं है. किसी भी इनवेस्टमेंट में पैसा डालने से पहले किसी से सलाह जरूर लें. पार्टनर के साथ भी मतभेद पैदा हो सकते हैं.

मकर-
राहु का गोचर आपको कर्जदार बना सकता है. इस वर्ष आपके शत्रु आपके ऊपर हावी रहेंगे. आपको उनके कुचक्र से बचना होगा. मानसिक तनाव रहेगा, लेकिन बड़ी बीमारियों संपर्क में नहीं आएंगी.

कुंभ-
आपकी संतान की सेहत और करियर के लिए यह गोचर बिल्कुल अच्छा नहीं है. छात्र जीवन या नौकरीपेशा व्यक्तियों पर इसका काफी प्रभाव पड़ेगा. स्वास्थ्य खराब रहेगा और कर्ज से भी मुक्ति मिलना मुश्किल है.

मीन-
मानसिक रोग परिवार के लोगों को घेर सकते हैं. राहु की यह चाल आपके सुखों पर भारी रहेगी. कर्ज और स्वास्थ्य के लिए यह गोचर बिल्कुल अच्छा नहीं होगा.

राहु का दायां भाग काल एवं बायां भाग सर्प है. वेदों को अध्ययन करें तो राहु एक सर्प ही है और सर्प के मुंह से सदैव जहर ही निकलता है. हालांकि राहु जब किसी पर प्रसन्न हों तो उसे संसार के सारे सुख दिलाते हैं. इसके विपरीत राहु क्रोधित हो जाएं तो मृत्यु या मृत्यु समान कष्ट देते हैं.

कैसे टलेगा राहु का संकट?-
राहु ग्रह भगवान शिव शंकर के परम आराधक है. अत: जब राहु ग्रह परेशान कर रहा हो तो जातक को शिवजी की आराधना करनी चाहिए. कुछ उपाय करने से राहु को शांत किया जा सकता है.कैसे टलेगा राहु का संकट?-
राहु ग्रह भगवान शिव शंकर के परम आराधक है. अत: जब राहु ग्रह परेशान कर रहा हो तो जातक को शिवजी की आराधना करनी चाहिए. कुछ उपाय करने से राहु को शांत किया जा सकता है.

1- अगर आपके जन्मांक में राहु, चंद्र, सूर्य को दूषित कर रहा है तो जातक को भगवान शिव शंकर की सच्चे मन से आराधना करना चाहिए.

2- सोमवार को व्रत करने से भी भगवान शिव शंकर प्रसन्न होते हैं. अतः सोमवार को शिव आराधना पूजन व्रत करने के पश्चात, शाम को भगवान शिवशंकर को दीपक लगाने के पश्चात् सफेद भोजन खीर, मावे की मिठाई, दूध से बने पदार्थ ग्रहण करना चाहिए.

3- भगवान भोले शंकर भक्त की पवित्र श्रद्धा पूर्ण आराधना से तत्काल प्रसन्न होने वाले देव है.

4- बगैर ढोंग दिखावे के निर्मल हृदय से सच्ची आस्था के साथ भगवान शिव का स्मरण करना चाहिए.

5- राहु महादशा में सूर्य, चंद्र तथा मंगल का अंतर काफी कष्टकारी होता है, अतः समयावधि में नित्य प्रतिदिन भगवान शिव को बिल्व पत्र चढ़ाकर दुग्धाभिषेक करना चाहिए.

6- किसी भी राशि के जातक शिव साहित्य जैसे- शिवपुराण आदि का पाठ कर राहु के संकेट से बच सकते हैं.

7- ॐ नमः शिवाय मंत्र का नाम जाप लगातार करते रहना चाहिए.

8- राहु की महादशा अथवा अंतर प्रत्यंतर काफी कष्टकारी हों तब भगवान शिव का अभिषेक करवाना चाहिए.

9- भगवान शिव की प्रभु श्रीराम के प्रति परम आस्था है, अतः राम नाम का स्मरण भी राहु के संकटों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है.

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